गोंडा। यौन शोषण सरीखे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह का साथ मरहम की मानिंद मिला है। वैसे तो भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण और गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैय्या के सियासी और निजी रिश्तों में तल्खी जगजाहिर है। व्यक्तिगत रिश्ते चाहे जैसे हों मगर विवाद के समय मनकापुर राजघराना बृजभूषण के साथ खड़ा दिखाई पड़ रहा है। कीर्तिवर्धन ने साफ कहा कि विवाद को राजनीतिक हवा दी जा रही है। जांच से ही स्थिति साफ हो जाएगी।
सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह सच है कि कुश्ती जगत में महत्वपूर्ण काम हुए हैं। जो भी आरोप लगे हैं, उनकी जांच हो रही है, सही तथ्य सामने आएगा। न्याय पालिका भी मामले को देख रही है, ऐसे में धैर्य रखना चाहिए। लेकिन यह मामला अब राजनीतिक प्रेरित होता जा रहा है। पूरी उम्मीद है कि मामले में जो निर्दोष है वह दोषमुक्त हो जाएगा।
कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक धरती खिसक चुकी है। उनके पास कुछ नहीं बचा है। किसी से पूछिए कि प्रियंका गांधी ने क्या कहा, उनकी कोई बात ही नहीं करता। कोई ध्यान भी नहीं देता, इसलिए ही वह ऐसे बयान देती रहती हैं। उनका काम ही है विरोध करना। इसके अलावा उनके पास कुछ बचा ही नहीं। फिलहाल गोंडा सांसद ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि इस पूरे मामले में उन्होंने कैसरगंज सांसद का खुला विरोध न करके समर्थन किया है।
बृजभूषण शरण सिंह व कीर्तिवर्धन सिंह दोनों भाजपा सांसद हैं मगर राजनीतिक स्तर पर दोनों के बीच लंबी खाई है। कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह कई बार मनकापुर राजघराने को निशाने पर भी ले चुके हैं। यही नहीं कई मामलों में अक्सर दोनों आमने-सामने भी रहे हैं। इसके बाद भी गोंडा सांसद ने ऐसे वक्त में बृजभूषण के पक्ष में बयान दिया, जब पूरी पार्टी खामोश है। उन्होंने कैसरगंज सांसद का नाम तो नहीं लिया मगर कुश्ती में हुए कार्यों को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके जांच में निर्दोष पाए जाने का संकेत जरूर दिया। इसे लेकर खासी चर्चा है कि कीर्तिवर्धन सिंह ने बड़ा दिल दिखाया है।
मनकापुर राजघराने पर निशाना साधकर कैसरगंज सांसद बृजभूषण ने कई बार बयान दिया। एक बार तो मनकापुर में ही उन्होंने राजघराने पर लोगों के उत्पीड़न तक का आरोप लगाया। कई नाम भी लिए और इशारों में गंभीर आरोप भी जड़े थे। यहां तक की उन्होंने मनकापुर रियासत को भर की रियासत बता दिया था और कहा कि था कि यहां कभी राजा क्षत्रिय नहीं रहा। इतने बड़े आरोपों और सवालों पर कभी भी गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन ने पलटकर जवाब नहीं दिया। अब साथ आकर जिले में बड़ा संदेश दिया है।
दोनों सांसदों के बीच सियासी दूरियां अंदरखाने ही हैं। खुलकर तो कहीं विरोध की स्थिति नहीं बनती मगर राजनीति में दोनों एकसाथ बैठकर कोई फैसला नहीं लेते। अब गोंडा सांसद की दरियादिली से अगर दोनों की दूरियां कम हुईं तो जिले में सियासत को नई दिशा मिलनी तय है। माना जा रहा है कि दोनों की बीच दूरियां पैदा करके वाहवाही लूटने वालों को भी झटका लगेगा। फिलहाल संकेत तो मिल रहे हैं मगर वक्त ही बताएगा कि रियासत के राजा और सियासत के राजा कभी एकसाथ आएंंगे या नहीं।
सांसद बृजभूषण शरण सिंह शुक्रवार को विश्नोहरपुर स्थित पैतृक आवास पर क्षेत्र व आसपास के जिलों से आए समर्थकों और शुभचिंतकों से मिले। संसदीय क्षेत्र में तरबगंज विधानसभा क्षेत्र में जनता दर्शन के दौरान जिलेभर से पहुंचे कार्यकर्ताओं, समर्थकों और युवा साथियों के स्वागत कार्यक्रम के बाद उन्होंने आभार जताया।