गोंडा। आबकारी विभाग में कार्यरत कनिष्ठ सहायक का 13 वर्षों से अता-पता नहीं है। विभाग की ओर से कई बार नोटिस दी गई, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। अब आबकारी आयुक्त ने सुनवाई का अंतिम अवसर देते हुए हाजिर होने का निर्देश दिया है। यदि अब भी उसने अपना पक्ष नहीं रखा तो कार्रवाई करते हुए नौकरी से हटाया जा सकता है।
सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक राशिद खान का मामला 30 नवंबर 2010 से लंबित है। उपआयुक्त अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उसने आकस्मिक अवकाश पर जाने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद से लौटकर आया नहीं। मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर पता चला कि वह बीमार हैं। जबकि बाद में इससे संबंधित कोई मेडिकल रिपोर्ट या प्रार्थनापत्र विभाग को प्रस्तुत नहीं किया। ऐसे में आबकारी विभाग ने इसे घोर लापरवाही व उदासीनता मानते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
प्रदेश के आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन सी की ओर से नोटिस जारी कर अंतिम सुनवाई के लिए लखनऊ स्थित आयुक्त कार्यालय में बुलाया गया है।