गोंडा। स्थानीय स्तर पर मरीजों को एक छत के नीचे जांच व इलाज की व्यवस्था मुहैय्या कराने के लिए आयोजित मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला खानापूर्ति तक सीमित रह गया। मेले में दोपहर तक मरीज न पहुंचने के कारण सन्नाटा पसरा रहा। जिले के 53 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो पर रविवार को जन आरोग्य मेेला का आयोजन किया गया। मसकनवा पीएचसी पर स्वास्थ्य मेला औपचारिकता मात्र निभायी गई। दोपहर 12 बजे तक कोई मरीज इलाज कराने नहीं आया। ग्रामीणों ने बताया कि यहां कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं रहता, फार्मासिस्ट व आयुष चिकित्सक लाल पीली गोली देकर मरीजों को भेज देेते, जिससे मरीज मेले में आना बंद कर दिए। शाम तक 34 मरीजों को दवाएं दी गई। आठ लोगों का कोविड जांच किया गया। दो लोगों का आयुष्मान कार्ड बना।
स्वास्थ्य मेले में आयुष चिकित्सक डॉ. डीसी वर्मा, फार्मासिस्ट रमेश यादव, एलए छांगुर प्रसाद, सतेंद्र तिवारी, शशि कुमार रहे। आयुष चिकित्सक को छोड़कर एमबीबीएस अथवा विशेषज्ञ चिकित्सक स्वास्थ्य मेले में नहीं रहे। इटियाथोक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सदाशिव, तकिया मनोहर, जानकीनगर व बाबागंज में मेले का आयोजन किया गया। इन सभी स्थानों पर मरीजों की संख्या काफी कम रही। आरोग्य मेले में डॉ. एसके प्रजापति, डॉ. दुर्गविजय, डॉ. दीक्षा सिंह, पूनम गुप्ता आदि रहे।
वजीरगंज क्षेत्र के पीएचसी डुमरियाडीह पर आयोजित मेले में 28 लोगों का इलाज व चार महिलाओं का गर्भवस्था की जांच कराई गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शेखर तिवारी, डॉ. केके सिंह, फार्मासिस्ट अनुराग सिंह, एएनएम राधा त्रिपाठी, एलटी अंजनी मिश्र रहे। पीएचसी पिपरी में कुल 38 रोगियों की ओपीडी हुई जिसमें पांच गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। डॉ. नेहा तिवारी, डॉ. नीना खुराना, फार्मासिस्ट वीरेंद्र कुमार, एलटी अर्जुन कुमार आदि रहे।