बेलसर/गोंडा। निजी कंपनियों में अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा मिलने की आस जागी है। जल्द ही निवेशकों के फंसी जमा रकम वापस हो जाएगी। जिले की चार तहसीलों में बुधवार को सहायता केंद्र खोले गए हैं। जहां निवेशकों को प्रोफार्मा भरकर जमा करना होगा। प्रोफार्मा में निवेशकों को जमा रकम, कब जमा हुई। इसका पूरा ब्यौरा देना होगा। जिले में पांच लाख से अधिक निवेशकों ने सहारा इंडिया बैंक समेत अन्य निजी कंपनियों में अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा लगाया था। निवेशकों की पैसा वापसी की उम्मीद टूट चुकी थी। प्रशासन की पहल पर लोगों में उम्मीद है। बेलसर के राहुल तिवारी ने बताया 30 हजार रुपये 2014 में एक कंपनी में जमा किया था। कंपनी के एजेंट ने दावा किया था कि पांच साल में दोगुना धनराशि मिल जाएगी। भुगतान नहीं दिया और कार्यालय बंद कर दिया।
तरबगंज के देवेंद्र बाजपेई ने बताया कि उन्होंने एक कंपनी में छह लाख रुपये जमा किए थे। मगर वापस नहीं मिले। इसी तरह विशाल पांडेय, राजेश पांडेय व शिवशंकर समेत तमाम निवेशकों ने निजी कंपनियों में करोड़ों रुपये निवेश किए थे। (संवाद)
फैक्ट फाइल
तहसील जमा फार्म
करनैलगंज- 478
तरबगंज- 32
मनकापुर-0
सदर- 03
निवेशकों को पूरी करनी होगी शर्तें
निवेशकों को तहसीलों पर खुले सहायता केंद्र से एक प्रोफार्मा मिलेगा। जिसे निवेशकों को भरने के साथ ही कर जमाधनराशि के प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी, पॉलिसी, किश्त की राशि, किश्तों की संख्या, कुल जमा धनराशि, आरंभ तिथि, परिपक्वता तिथि, मेच्योर राशि सहित अन्य विवरण भरना होगा।
सहायता केंद्र खोले गए
शासन के आदेश पर जिले की चार तहसीलों तरबगंज, सदर, करनैलगंज व मनकापुर में निजी कंपनियों के निवेशकों की डूबी रकम वापस दिलाने के लिए सहायता केंद्र खोले गए हैं। सहायता केेंद्रों पर निवेशकों के लिए प्रोफार्मा जारी किया गया है। निवेशकों को प्रोफार्मा भरकर जमा करना होगा।
- सुरेश सोनी, अपर जिलाधिकारी