गोंडा। परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश रीता गुप्ता ने महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया है। प्रधान न्यायाधीश की ओर से जारी आदेश के अनुसार अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार कक्ष संख्या-दो रितु नागर को अध्यक्ष व जिला अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक की काउंसलर सरिता तिवारी, परिवार न्यायालय की लिपिक पूर्णिमा वर्मा और एकसेवा संस्था की अध्यक्ष साक्षी अरोड़ा को समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति को साक्ष्य एकत्र करने के लिए सिविल न्यायालय की शक्तियां प्राप्त हैं। मगर जांच प्रक्रिया को गोपनीय रखा जाएगा।