गोंडा। बेहोशी के डॉक्टर न होने के चलते महिला अस्पताल में बेपटरी हो चुकी सिजेरियन ऑपरेशन की व्यवस्था फिर से सुधरेगी। सीएमओ के अधीन एक और निश्चेतक चिकित्सक डॉ. देवेश शुक्ल की तैनाती महिला अस्पताल के लिए की गई है।
पिछले वर्ष 15,200 गर्भवतियों का संस्थागत प्रसव करवाकर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करने वाले जिला महिला अस्पताल में पिछले तीन महीनों से व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई थीं। पहले यहां हर रोज 20 से 25 सिजेरियन प्रसव होते थे, वहीं अब ऑपरेशन लगभग ठप हो गए हैं। पिछले बीस दिनों से तो ओटी में ताला लटका रहा। इसका कारण बेहोशी के डॉक्टर की कमी बताई जा रही थी। महिला अस्पताल में संबद्ध अकेले निश्चेतक डॉ. कुमार ज्ञानम अस्वस्थ होने के कारण लंबी छुट्टी पर चले गए। जिससे ओटी में ताला लटक गया।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पैनल बनाकर बेहोशी के डॉक्टरों से सहयोग लेने की योजना बनी, लेकिन कोई चिकित्सक समय पर सेवा नहीं देने पहुंच रहा था। जिससे अस्पताल के इमरजेंसी में नोटिस चस्पा कर मरीजों को रेफर कर दिया जा रहा था। अब शनिवार को निश्चेतक चिकित्सक डॉ. कुमार ज्ञानम स्वस्थ होकर लौटे, वहीं एक और चिकित्सक की नियुक्ति की जानकारी सीएमओ डाॅ. रश्मि शर्मा ने दी। सीएमओ ने बताया कि बतौर निश्चेतक चिकित्सक डॉ. देवेश शुक्ल की तैनाती हुई है। जल्द ही वह कार्यभार ग्रहण करेंगे। जिससे महिला अस्पताल में ऑपरेशन एक बार फिर से रफ्तार पकड़ेगा।