गोंडा। कोतवाली क्षेत्र करनैलगंज अंतर्गत हुजूरपुर मार्ग पर गड़रियन पुरवा के पास बृहस्पतिवार सुबह ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से माता-पिता के साथ बाइक से जा रहे मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। हादसे में दंपती घायल हो गए। दोनों को सीएचसी पहुंचाया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने भाई-बहन के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
बहराइच के फखरपुर थाना क्षेत्र के मेथौरा गांव निवासी आलोक सिंह (32) अपनी पत्नी सुमन सिंह (30), बेटे शिवांश (3) व डेढ़ साल की बेटी आराध्या के साथ बृहस्पतिवार सुबह बाइक से करनैलगंज क्षेत्र के काशीपुर गांव स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे। वह हुजूरपुर-करनैलगंज मार्ग पर गड़रियन पुरवा के पास पहुंचे थे, तभी सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से चारों लोग घायल हो गए।
ग्रामीणों ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने शिवांश व आराध्या को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद आलोक व सुमन को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत मौके से भाग निकला।
कोतवाल श्रीधर पाठक ने बताया कि दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। बच्चों के माता-पिता भी घायल हैं। जिनका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
हादसे में दो मासूमों की मौत के वक्त जो भी मौके पर पहुंचा, उसका कलेजा कांप गया। अपनी दोनों संतानों की मौत व खुद घायल होने से माता-पिता बदहवास हैं।
करनैलगंज हुजूरपुर मार्ग पर गड़रियन पुरवा के पास ट्रैक्टर-ट्राॅली की चपेट में आने से बाइक सवार दंपती व दोनों बच्चे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को अस्पताल पहुंचा दिया और माता-पिता को दूसरे साधन से अस्पताल भेजा गया। जहां पुलिस ने माता-पिता को बच्चों से दूर प्राथमिक उपचार वाले कमरे में कर दिया। काफी देर तक उन्हें दोनों बच्चों की मौत की सूचना ही नहीं दी गई। जब सूचना मिली तो माता-पिता बदहवास हो गए। इस बीच आलोक सिंह और उनकी पत्नी सुमन को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पूरे अस्पताल में दो बच्चों की मौत से मातम पसरा रहा।
गंभीर रूप से घायल दोनों बच्चों की सांसें मौके पर चल रही थीं। जब आसपास के लोग ई रिक्शा से उन्हें लेकर अस्पताल जाने लगे तो रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण करीब 20 मिनट तक वहीं खड़े रहना पड़ा। रेलवे क्रॉसिंग खुलने पर भी जाम के चलते बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। यदि समय से बच्चों को उपचार मिल जाता तो शायद दोनों की जान बच सकती थी।
घटनास्थल पर सड़क के किनारे गिट्टी और मौरंग का ढेर लगा है। आसपास के लोगों ने बताया कि गिट्टी व मौरंग के ढेर से निकली ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में बाइक आने से हादसा हुआ है। आए दिन यहां दोपहिया वाहन सवार भी अनियंत्रित होकर गिरते हैं।
हादसे में जान गंवाने वाले शिवांश की फाइल फोटो