करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है। खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे पहुंच चुकी नदी में उठ रहे मसीना से कटान बहुत तेज हो रही है।
करीब एक किलोमीटर की लंबाई और छह मीटर चौड़ाई की जमीन जिसमें गन्ना, धान की फसल लगी हुई है, वह लगातार कटकर नदी में समाती जा रही है। किसानों की गाढ़ी कमाई खेतों में लगी फसल नदी के बहाव में लुप्त हो रही है। शुक्रवार को यही नजारा देखने को मिला। नदी के पानी का बहाव घुमावदार रहा। जिससे खेतों की मिट्टी उसमें समाती रही। जलस्तर घट तो रहा है लेकिन अभी बाढ़ का खतरा टला नहीं है। सितंबर में भी पानी लगातार बढ़ता और घटता रहता है। यह सिलसिला पूरे सितंबर महीने में चलने की संभावना है। यही स्थिति रही तो दोबारा नदी का जलस्तर बढ़ने से एल्गिन चरसड़ी बांध को ग्राम बहुवन मदार माझा के पास कटान का खतरा झेलना पड़ सकता है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता रवि वर्मा का कहना है कि नदी खाली पड़ी जमीन का कटान कर रही है। लगातार निगरानी की जा रही है।