बलरामपुर के बाबा हुरमत शाह के आस्ताने पर आयोजित कव्वाली में कव्वाली पेश करते कव्वाल।
बलरामपुर। गदुरहवा मोहल्ला स्थित हजरत बाबा हुरमत शाह के आस्ताने पर चल रहे पांच दिवसीय सालाना उर्स के तीसरे दिन बुधवार रात जवाबी कव्वाली का आयोजन हुआ। देवा शरीफ से आए कव्वालों के बीच देर रात तक मुकाबला चला। सूफी कव्वाली सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
देवा शरीफ से आए सूफी कव्वाल शहाब वारसी व सालार वारसी के बीच जोरदार मुकाबला हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए शहाब वारसी ने कव्वाली तेरा दर मिल गया मुझको, सहारा हो तो ऐसा हो। तेरे टुकड़े पर पलते हैं, गुजारा हो तो ऐसा हो सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। जवाब में सालार वारसी ने सुनाया मैं तो झूम-झूम नाचूं, मोरे वारिस घर आए, मैं तो जश्न मनाऊं मोरे वारिस घर आए। भोर तक चली कव्वाली का लोगाें ने जमकर लुत्फ उठाया।
इससे पहले आस्ताना कमेटी के चीफ सुपरवाइजर डॉ. तारिक सिद्दीकी, हकीम निसार वारिश, अब्बास अली सिद्दीकी, मास्टर मोहम्मद हसन कुरैशी, मोहम्मद शमी, मौलाना मोहम्मद हसन व शब्बीर खां आदि ने दोनों कव्वालों के साथ नगर कोतवाल विमलेश सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों को माला व साफा पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बाबा रफीक शाह वारसी, बाबा इनायत शाह वारसी, बड़कऊ बाबा व बाबा हबीब शाह वारसी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।