गोंडा। यूपी डायल-112 में कैंसर पीड़ित होमगार्ड चालक अखिलेश तिवारी ने रिपोर्ट लिखाने से आहत होकर फांसी लगाकर जान दी थी। उसकी पुलिस लाइंस में ड्यूटी थी। मगर वह समय से ड्यूटी पर नहीं पहुंचा तो डायल-112 के एसआई-एमटी ने रोजनामचा में उसकी गैरहाजिरी की रिपोर्ट लिखा दी थी। उधर, मृत होमगार्ड के परिवारीजनों ने शुक्रवार को घटना से संंबंधित कोई तहरीर नहीं दी।
कोतवाली देहात क्षेत्र के लल्लन पुरवा गांव के रहने वाले होमगार्ड अखिलेश तिवारी डायल 112 टीम के साथ होमगार्ड चालक के पद पर कार्यरत थे। वे कैंसर पीड़ित थे और वर्तमान में उनकी ड्यूटी रिजर्व पुलिस लाइन में लगी थी। डायल-112 के एसआई एमटी रामविलास ने बताया कि बुधवार को अखिलेश अपनी ड्यूटी पूरी कर घर वापस लौटा थे। रात आठ बजे से उनकी लाइन में ड्यूटी थी। मगर वे ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। होमगार्ड के ड्यूटी पर न पहुंचने की जानकारी मिलने पर रोजनामचा में गैर हाजिर होने की रिपोर्ट लिखा दी। इसकी जानकारी मिलने पर होमगार्ड अखिलेश ने फांसी लगाकर जान दे दी थी।
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प्रताड़ित किये जाने का आरोप निराधार
होमगार्ड कैंसर से पीड़ित था। सभी होमगार्ड की तरह ही उसकी भी ड्यूटी लगाई जाती थी। प्रताड़ित किये जाने का आरोप निराधार है। एसआई एमटी ने होमगार्ड के न पहुंचने पर उसकी गैरहाजिरी दर्ज करा दी थी।
- चंद्रपाल शर्मा, सीओ लाइंस