गोंडा। जिले में मंगलवार को आई आंधी व बारिश ने इस कदर तबाही मचाई कि ग्रामीण इलाकों में अभी तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। शुक्रवार को धूप निकलने के बाद उमस बढ़ गई, जिससे लोग पसीने से तरबतर रहे। शुक्रवार शाम तक 50 से अधिक गांवों में बिजली बहाल नहीं हो सकी।
उमस भरी गर्मी में जहां शहर में एसी, फ्रिज, कूलर चलने से बिजली की खपत बढ़ी है, वहीं गांवों में सिंचाई के लिए विद्युत मोटर चलने से ट्रांसफार्मर हांफ रहे हैं। करीब एक महीने में जिले में 392 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। भले ही 24 से 48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का दावा किया जा रहा हो मगर उपभोक्ताओं को कई दिन तक बिजलीघरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता राम नरेश सरोज ने बताया कि जिले के लगभग सभी गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू हो गई है। ट्रांसफार्मर को 48 घंटे के भीतर बदले जाने का सख्त निर्देश दिया गया है। ओवरलोड की समस्या को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
इटियाथोक उपकेंद्र के तहत जमुनही हरदोपट्टी में लगा ट्रांसफार्मर 20 दिन में तीसरी बार जल गया। जिससे करीब पांच सौ की आबादी अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां रखा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर बार-बार जल जाता है। आरोप लगाया कि लाइनमैन से मिलीभगत कर गांव के कुछ लोग अवैध रूप से बिजली मोटर से सिंचाई करते हैं, जो केबल काटकर खेतों तक लाइन उतार देते हैं, जिससे कम क्षमता वाला ट्रांसफार्मर जल जाता है। ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग की।
महंगूपुर निवासी श्यामनाथ पांडेय ने उपखंड अधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उनके घर के सामने विद्युत पोल लगा है, जिसमें बरसात में करंट उतर आता है। मंगलवार शाम उसकी दो वर्षीय पोती खेल रही थी। पोल के संपर्क में आने से उसे करंट का झटका लगा। अवर अभियंता गुड्डू यादव ने बताया कि मामला टाउन क्षेत्र की लाइन से जुड़ा है। जल्द ही पुरानी लाइन ठीक कराकर पोल बदला जाएगा।