आईएसआई एजेंट मो. रईस। - संवाद
गोंडा। यूपी एटीएस की गिरफ्त में आया मोहम्मद रईस रोजी-रोजी के सिलसिले में सात साल पहले गोंडा से मायानगरी मुंबई गया था। वह मुंबई के एक होटल में वेटर की नौकरी करने लगा। मगर वह हमेशा अमीर बनने का सपना देखता था। इसके लिए वह कुछ भी कर गुजरने को तैयार था। पूरी रात होटल में काम करने के बाद भी वह लोगोें से सिर्फ इसलिए मिलता-जुलता रहता था कि कहीं कोई उम्मीद की रोशनी नजर आए। इसी बीच अरमान नामक व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई। उसने रईस को दुबई में अच्छी नौकरी और मोटी रकम देने का सब्जबाग दिखाया। मगर कुछ शर्तों के साथ। अरमान की बातों में आकर रईस अपने दोस्त सलमान के साथ मिलकर पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के हैंडलर को खुफिया जानकारी साझा करने लगा। इसके लिए रईस को मोटी रकम भी मिलने लगी।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट बने मोहम्मद रईस को एटीएस ने गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है। पता चला कि रईस के पिता माेहम्मद हुसैन तरबगंज के रामापुर दीनपुरवा में घर पर ही पंक्चर बनाने का काम करते हैं। चार भाइयों में सबसे बड़े मोहम्मद शमीम की साइकिल की दुकान है। दूसरे नंबर का भाई मोहम्मद शफीक कानपुर में नौकरी करता है। रईस तीसरे नंबर पर है। सबसे छोटा भाई मोहम्मद काले मुंबई में बेकरी में काम करता है।
रईस ने तरबगंज के महाराजा देवीबख्श सिंह इंटर कॉलेज से पढ़ाई की है। दसवीं में वह संस्थागत छात्र था, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा उसने व्यक्तिगत छात्र के रूप में पास की थी।