गोंडा। जिले में 120 निवेशकों के प्रस्तावों में 60 से अधिक प्रस्ताव पशुपालन, डेयरी और कृषि क्षेत्र से संबंधित हैं। टूरिस्ट हब बनने की ओर बढ़ रहे जिले में होटल खोलना सबसे मुफीद दिख रहा है। इसमें छह उद्यमियों ने प्रस्ताव दिया है जिसमें पांच बड़े संस्थानों ने नवाबगंज में होटल खोलने की सहमति दी है। जिसमें तीन ने प्रक्रिया पूरी कर ली है। विभाग की मानें तो इन तीनों होटल निर्माण भी जल्द शुरू हो जाएगा।
पांच सितारा होटल बनने से पर्यटकों का कई तरह की सहूलियत मिलेगी। जिसमें ताज, विवांता, जिजंर ने नवाबगंज क्षेत्र अहेटमाली गांव में जमीन की रजिस्ट्री करा ली है। ताज होटल 200 करोड़ का निवेश करेगा। इसमें विवांता 50 करोड़, जिंजर होटल 50 करोड़ के हैं। इसके अलावा एक फाइव स्टार होटल और ओबराय होटल प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। उद्योग उपायुक्त राम मिलन का कहना है कि सभी की प्रक्रियाएं जल्द पूरी हो जाएंगी।शहर में बस स्टाप के शर्मा ग्लैक्सी होटल एंड रिसार्ट प्राइवेट लिमिटेड रिजार्ट स्थापित करेंगे। उन्होने बताया कि उनकी तैयारी पूरी है।
शहर के बस स्टाप के पास भूमि तय है। होटल निर्माण में चार करोड़ 30 लाख रूपये का निवेश होगा और इससे 50 लोगों को रोजगार देंगे।
- संजय पांडेय, निवेशक (होटल)
120 उद्यमियों में 111 के निवेश की हो चुकी है सहमति
- इन्वेस्टर्स समिट में 120 उद्यमियों में 111 की सहमति हो चुकी है। अभी नौ उद्यमियों के हस्ताक्षर होने हैं। लखनऊ में हो रहे ग्लोबल समिट में सौ उद्यमियों में 40 उद्यमियों ने ही प्रतिभाग किया है। उद्योग विभाग के सहायक हरि प्रसाद मौर्य का कहना है कि समिट में न आने वालों को भी वर्चुअल जोड़कर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दिखाया गया है।
शासन से अनुदान की नीति अभी जारी नहीं
- निवेशकों की ओर से प्रस्ताव तो 4800 करोड़ के दिए गए हैं और कई निवेशक अनुदान की उम्मीद लगाए हैं। शासन की ओर से तैयार की गई अनुदान की नीति अभी जारी नहीं हुई है। अनुदान दिए जाने की जो व्यवस्था है वह सीमित हैं। सीमित दायरे में ही 25 फीसदी का अनुदान मिलना है। ऐसे में निवेशकों को खुद से ही अपनी तरफ से प्रस्तुत किए गए निवेश की व्यवस्था करनी होगी। उपायुक्त उद्योग राम मिलने कहा कि तकनीकी मदद के साथ ही निवेशकों के मामलों का निस्तारण, बैंक से समन्वय स्थापित किए जाने और मार्गदर्शन किया जाना है। इसमें पूरा विभाग व प्रशासन निवेशकों के साथ है।
निवेशकों को हर तरह की सुविधा मिलेगी। हर किसी को किसी न किसी योजना से जोड़ा जाएगा। जिन निवेशकों ने सहमति दी है, उनको अपने उद्यम शुरू कराने में विभाग पूरा सहयोग दे रहा है।
- राम मिलन, उपायुक्त उद्योग