गोंडा। जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत का मामला विधानसभा में गूंजने के बाद जिला प्रशासन की नींद खुली है। बुधवार को आनन-फानन में जिलाधिकारी ने सीएमओ से चार सदस्यीय टीम गठित कर शाम तक रिपोर्ट देने को कहा है। इधर, जांच टीम ने आरोपी डॉ. ललिता केरकेट्टा समेत 12 लोगों का बयान दर्ज किए हैं। टीम अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाने तथा जरूरी तथ्य खोजने मेें जुटी है।
बीती 14 सितंबर को जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत मामले में मीडिया में आई खबरों को संज्ञान में लेते हुए नेता प्रतिपक्ष व सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीते मंगलवार को विधानसभा में जिले में प्रसूता की मौत का मामला गंभीरता से उठाया। प्रदेश सरकार को घेरते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। सदन में मुद्दा गूंजने के बाद बुधवार को जिला प्रशासन हरकत में आया।
पीड़ित रितेश चंद्र श्रीवास्तव की शिकायत पर डीएम डॉ. उज्जवल कुमार ने सीएमओ को टीम गठित कर जांच कराने का आदेश दिया। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने जांच के लिए जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदुबाला, एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुवर्णा कुमार व एनेस्थेटिस्ट डॉ. कुमार ज्ञानम को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
इलाज में लापरवाही का लगा था आरोप
14 सितंबर को जिला महिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद प्रसूता प्रियंका श्रीवास्तव की मौत के मामले में परिजनों ने डॉक्टर व स्टाफ नर्स पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाया था। जबकि महिला अस्पताल प्रशासन ने परिजनों पर तोड़फोड़, सरकारी कर्मियों से मारपीट व सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया गया था। डॉक्टरों का मुकदमा दर्ज कर लिया गया, लेकिन पीड़ित परिजनों की शिकायत ठंडे बस्ते में डाल दी थी।
आठ घंटे चली पूछताछ
बुधवार सुबह नौ बजे महिला अस्पताल पहुंची टीम ने जांच शुरू किया। शाम पांच बजे तक चली मैराथन पूछताछ में आरोपी डॉक्टर समेत 12 लोगों का बयान दर्ज किया गया। टीम ने आरोपी डॉ. ललिता केरकेट्टा, स्टाफ नर्स विनीता, स्टाफ नर्स नीतू तथा स्टाफ नर्स प्रिया से विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ किया। मरीज को रेफर करते समय ड्यूटी पर रहीं डॉ. माधुरी त्रिपाठी व घटना की सुबह ड्यूटी पर रहीं डॉ. रश्मि से भी पूछताछ की गई।
पीड़ितों की ओर से प्रसूता के भाई रितेश श्रीवास्तव, पति रत्नेश श्रीवास्तव सहित पांच अन्य परिजनों का बयान दर्ज किया गया। जांच टीम के एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि कुछ अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। देर शाम तक जांच रिपोर्ट सीएमओ के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।