फोटो-10 गोंडा में स्टार हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी सेंटर का ओटी सील करता स्वास्थ्यकर्मी। -संवाद
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गोंडा। प्रसूता की मौत के मामले में शहर के स्टार हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी सेंटर को मंगलवार को सील कर दिया। मेडिकल काउंसिल ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना के प्रैक्टिस पर रोक लगाते हुए छह महीने के लिए लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है। एमसीआई के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी की ओर से गठित टीम ने हॉस्पिटल को सील करने की कार्रवाई की।
मेेडिकल काउंसिल के आदेश के क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी के अनुमोदन पर डिप्टी सीएमओ डॉ. टीपी जायसवाल की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्पिटल को सील कर दिया। स्टार हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी सेंटर की संचालक डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना पर मोतीगंज के डड़वा दसौतिया निवासी वाचस्पति मिश्र ने आरोप लगाया था कि आठ जनवरी 2021 को उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी को स्टार हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने सामान्य प्रसव कराने का आश्वासन दिया था। सामान्य प्रसव की फीस जमा कराई गई लेकिन कुछ घंटे बाद ऑपरेशन करने की बात कही गई। वाचस्पति मिश्र का आरोप था कि तत्काल में ऑपरेशन का पैसा न जुटा पाने के कारण डॉक्टर ने गर्भवती का गुस्से से ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद बेटी पैदा हुई लेकिन प्रसूता की हालत गंभीर हो गई। हालत बिड़ते देख मरीज को दुखहरननाथ स्थित एससीपीएम हॉस्पिटल भेज दिया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि इनका गलत ऑपरेशन किया गया है, अब बच्चेदानी निकालनी पड़ेगी। गर्भवती के पति वाचस्पति ने लखनऊ ले जाकर इलाज कराने की बात कही, लेकिन डॉक्टर ने मना कर दिया।
नौ जनवरी को प्रसूता की मौत हो गई। पीड़ित ने बताया कि जिला स्तरीय सभी अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टरों के रसूख के आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने कोर्ट का सहारा लिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पर मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश जारी किया। पीड़ित ने मेडिकल काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मेडिकल काउंसिल ने कार्रवाई करते हुए 16 जुलाई को डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना के सर्जिकल प्रैक्टिस पर रोक लगाते हुए छह महीने के लिए लाइसेंस निलंबित कर दिया।
जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई करने के लिए नगर मजिस्ट्रेट की अगुवाई में टीम गठित की थी। एसीएमओ डॉ. एपी सिंह व पुलिस टीम के साथ जाकर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है। अस्पताल का पंजीकरण सिर्फ सर्जरी के लिए पंजीकृत था, इसलिए संचालक सर्जन के सर्जरी पर रोक लगने के बाद हॉस्पिटल सील किया गया। डॉ. टीपी जायसवाल, डिप्टी सीएमओ