गोंडा। बेहतर सुविधाओं के लिए तीन करोड़ साठ लाख रुपये की लागत से पीएचसी हड़ियागाड़ा और पीएचसी उमरिया का भवन का पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। मगर उद्घाटन न होने ने नवनिर्मित भवन में अस्पतालों संचालन नहीं शुरू हो सका। जिससे दोनों विकास खंडों की करीब एक लाख की आबादी को इलाज करवाने के लिए भटकना पड़ रहा है।
विकासखंड हलधरमऊ के हड़ियागाड़ा और नवाबगंज विकासखंड के उमरिया में प्राथमिक स्वास्थ्य का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद अधिकारियों को उद्घाटन का शुभ मुहूर्त नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2018 में प्रत्येक पीएचसी का निर्माण 1.80 करोड़ रुपये की लागत से शुुरू किया गया था। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण सहकारी संघ को 30 जुलाई 2020 को पूर्ण करने की निर्देश जारी हुआ था। अभी तक इन स्वास्थ्य केंद्रों का उद्घाटन नहीं हो सका।
10 किलोमीटर का चक्कर लगा पहुंचते हैं अस्पताल
स्थानीय पीएचसी न संचालित होने से हलधरमऊ विकासखंड के बालपुर, गोगिया, हड़ियागाड़ा, चकसेनिया, ठकुरापुर, धानी, सालपुर, डोमकल्पी, खानपुर, छिटनापुर, नकहा बंसत, रेरूवा, परवानपुर, धनुहा, हरसिंहपुर सहित अन्य गांव के लोगों को इलाज के लिए 10 किमी. का चक्कर काटकर सीएचसी पर जाना पड़ रहा है। वहीं नवाबगंज विकासखंड के करीब दो दर्जन गांवों के 50 हजार की आबादी परेशान हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को हो रही है।
दोनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जल्द ही जिलाधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समय लेकर उद्घाटन कर दिया जाएगा। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों को जांच व इलाज की सुविधा मिलेगी। डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ