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Gonda News: नहीं मिल सका इलाज, दिल का दौरा पड़ने से लोगों की मौत

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गोंडा। ठंड बढ़ने के साथ ही हृदय रोगियों की संख्या भी जिला अस्पताल की ओपीडी में बढ़ने लगी है। ऐसे में अस्पताल में बीते तीन साल से खाली पड़े हृदयरोग विशेषज्ञ के पद के कारण जरूरतमंदों को समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाता। हार्ट अटैक से पीड़ित दो मरीजों की समय पर उचित इलाज न मिल पाने से बीते 24 घंटे में मौत हो गई। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में दिल का डॉक्टर न होने से दोपहर तक दिल के चार रोगियों को इमरजेंसी से दूसरे अस्पताल में रिफर भी करना पड़ा।
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अस्पताल से जुड़े लोगों की माने तो बीते तीन सालों से विशेषज्ञ चिकित्सक का पद खाली होने से अस्पताल में इलाज के आने वाले दिल के रोगियों को गोल्डन ऑवर में जरूरी इलाज सुविधा नही मिल पा रही है। इससे अब तक कई लोगों की असमय ही मौत भी हो चुकी है। शुक्रवार देरशाम शहर के पटेल नगर निवासी केसरी लाल (50) की इलाज के दौरान मौत हो गई। केसरी को हृदय से संबंधी समस्या को लेकर 29 नवंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, रुपईडीह के शुकुलपुरवा निवासी गिरधारी (35) को शनिवार को हार्ट अटैक आया, उन्हें भी घर से इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इसके साथ ही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पीयूष मिश्र के चालक को भी शुक्रवार शाम हार्ट अटैक पड़ा। उन्हें भी गंभीर हालत में जिला अस्पताल से लखनऊ के एक अस्पताल के रिफर करना पड़ा। 30 अप्रैल 2020 को हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. जीके सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद से उनकी जगह अभी तक किसी भी हृदय रोग चिकित्सक की तैनाती न हो पाने से पद रिक्त पड़ा है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण हृदय रोगियों की जांच के लिए जरूरी टीएमटी व टूडी इको का परीक्षण भी मशीनों की उपलब्धता के बाद नहीं हो पाता है।
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बुजुर्ग व हृदयरोगी रखें विशेष ध्यान
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. दीपक सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में हृदय रोगियों को अपनी सेहत का ध्यान खुद ही रखने की जरूरत है। इसके लिए बुजुर्ग दिल की बीमारी से जुड़ी दवाएं हमेशा अपने साथ रख उनका नियमित तौर पर सेवन करे तथा समय-समय पर जांच भी कराते रहे। साथ ही उच्च कैलोरी वाले भोजन तथा शराब से बचें। गर्म पानी से स्नान करें तथा नियमित व्यायाम करें। बुखार या गले में खराश होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
जिला अस्पताल में बीते तीन सालों से हृदयरोग विशेषज्ञ के पद पर किसी भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। पूर्व के अधीक्षकों की ओर से भी इसे लेकर मुख्यालय से कई बार पत्राचार किया गया। इसके बावजूद शासन स्तर से इस रिक्त पद को किसी योग्य चिकित्सक की तैनाती से अभी तक नहीं भरा गया है। इस पद पर हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग फिर से की जाएगी। डॉ. पीडी गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल
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