फोटो-10 गोंडा के महिला अस्पताल में बैठी महिलाएं। -संवाद
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गोंडा। निजी अस्पताल में प्रसव कराकर सरकारी लाभ दिलाने वाले गिरोह की सदस्य एक आशा को पुलिस के हवाले करने पर स्वास्थ्यकर्मियों के माथे पर पसीना छूटने लगा है। बड़े लोगों की गर्दन फंसने की डर से अस्पताल से फर्जी तरीके से भरा प्रसूता का बीएसटी (मरीज भर्ती पत्रक) गायब कर दिया गया है। प्रभारी सीएमएस डॉ. सुषमा सिन्हा की सख्ती के बाद बीएसटी की खोजबीन तेज कर दी गई, लेकिन वह मिली नहीं। इधर, बिना कार्य आशा कार्यकर्ताओं के जिला अस्पताल में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है।
बीते मंगलवार को निजी अस्पताल में प्रसव होने के बाद सरकारी प्रोत्साहन राशि हड़पने के लिए महिला अस्पताल में प्रसूता को भर्ती कराने पहुंची आशा कर्मचारी नीलम तिवारी को पुलिस के हवाले करने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। अपनी गर्दन फंसते देखकर जिम्मेदारों ने प्रसूता की बीएसटी (मरीज भर्ती पत्रक) ही गायब करवा दी। बुधवार को प्रभारी सीएमएस डॉ. सुषमा सिन्हा ने भर्ती काउंटर पर रही स्टाफ नर्स प्रियंका शुक्ला से सख्ती से पूछताछ की तो बताया कि बीएसटी को भरकर उसने महिला अस्पताल के एक डॉक्टर को दे दिया था। तभी से बीएसटी नहीं मिल रही है। प्रियंका ने बताया कि खोजने का बहुत प्रयास किया लेकिन प्रसूता की बीएसटी नहीं मिली। महिला अस्पताल के एक कर्मचारी की माने तो उस बीएसटी पर एक जिम्मेदार की हैंडराइटिंग थी। जिसको मिटाकर दूसरी बीएसटी तैयार करने के लिए गायब कर दी गई है।
आरोपी आशा की सूचना सीएमओ को दी
फर्जी तरीके से मरीज को भर्ती करवाकर प्रोत्साहन राशि हड़पने के खेल में शामिल पकड़ी गई आशा की सूचना सीएमओ को दी गई है। प्रभारी सीएमएस डॉ. सुषमा सिन्हा ने बताया कि फर्जी तरीके से महिला को भर्ती कराने पहुंची आशा कर्मचारी नीलम तिवारी की ओर से किए कार्यों की सूचना सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा को दी गई है। महिला अस्पताल में बिना काम के आशाओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अस्पताल में बने काउंटर पर आशाओं को अपना व अपने साथ लाए मरीज का विवरण नोट करवाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा।