गोंडा। जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद हुई प्रसूता की मौत मामले में शनिवार को आरोपी डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि जिलाधिकारी ने दोबारा टीम गठित कर मामले की जांच करवाई। जिसमें डॉक्टर की लापरवाही सामने आने पर बर्खास्त करने की कवायद चल रही थी।
बीते 14 सितंबर को जिला महिला अस्पताल में भर्ती गायत्रीपुरम निवासी प्रियंका श्रीवास्तव की सिजेरियन प्रसव के बाद मौत हो गई थी। प्रसूता की मौत के बाद काफी हंगामा भी हुआ था। प्रसूता के भाई रितेश श्रीवास्तव ने डॉ. ललिता केरकेट्टा पर आपरेशन के बाद प्रसूता के साथ लापरवाही का आरोप लगाया था। डीएम डॉ. उज्जवल कुुमार ने चार सदस्यीय टीम बनाकर मामले की जांच करवाई। जांच से संतुष्ट न होने पर प्रसूता के परिजनों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। पुन: एक बार परिजनों का बयान दर्ज करने व अन्य बिंदुओं पर जांच करने के बाद इलाज में लापरवाही की बात सामने आई।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि डॉ. ललिता केरकेट्टा की ओर से इलाज में लापरवाही की बात सामने आई थी। बर्खास्त होने की खबर पाते ही आरोपी डॉक्टर ने खुद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं, अस्पताल के लिपिक महेंद्र तिवारी ने बताया कि इस्तीफे में पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए कार्य कर पाने में असमर्थता जताई है। बताया कि वह और उनके पति दोनों बीमार चल रहेें।
इस्तीफे पर उठे सवाल, एफआईआर की मांग
प्रसूता के परिजनों से आरोपी डॉक्टर के इस्तीफे पर सवाल उठाया। परिजनों का कहना है कि बर्खास्त होने की डर से इस्तीफा देने से डॉक्टर को किसी के जिंदगी से खिलवाड़ करने की सजा नहीं मिल जाएगी। प्रसूता के भाई रितेश ने कहा कि यदि संबधित डॉक्टर की लापरवाही सामने आई तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए। सीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगाया जाएगा।
डॉ ललिता केरकेट्टा ने अपने पारिवारिक कारणों व पति की बीमारी का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है। बताया उनके पति बीमार चल रहे हैं, जिनकी देखरेेख के लिए समय नहीं मिल पा रहा था, इसलिए सेवा करने में असमर्थता जताते हुए इस्तीफ दे दिया। डॉ. सुषमा सिंह, सीएमएस