गोंडा। कोरोना संक्रमण की आहट आम लोगों को फिर से डराने लगी है। स्वास्थ्य विभाग का अमला इससे निपटने की चाक चौबंद तैयारियों का दावा भी करने लगा है। इसके बावजूद अस्पतालों में इलाज के लिए जरूरी फिजीशियन चिकित्सकों की कमी को दूर किए बिना यह लड़ाई जीतना बड़ी चुनौती बनेगा। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी को मिलाकर फिजीशियन चिकित्सक के 103 पद तैनाती न होने से बीते लंबे समय से खाली पड़े हैं।
इतना ही नहीं कोरोना से बचाव के लिए सबसे जरूरी वैक्सीन की बूस्टर डोज के लिए भी पांच लाख लोगों को चक्कर काटना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में कोरोना जांच के लिए पर्याप्त मात्रा में जांच किट तक उपलब्ध नहीं है। इन सब के बीच कोविड प्रोटोकाल का पालन भी पूरी तरह दर किनार है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों की भीड़ सोशल डिस्टेंसिंग को दर किनार कर बिना मास्क के ही दिखी। पर्चा काउंटर के पास बने कोविड जांच केंद्र पर भी सिर्फ 60 लोगों की ही कोरोना जांच के बाद कर्मचारियों ने जांच किट खत्म होने की बात कहते हुए जांच बंद कर दी। मरीजों व तीमारदारों के साथ ही अस्पतालों में तैनात स्टॉफ व चिकित्सक भी कोरोना से बचाव के लिए लागू कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहे हैं।
69 अस्पतालों में फिजीशियन ही नहीं
कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सबसे अधिक जरूरत फिजीशियन डॉक्टर की होती है। इसके बावजूद वर्तमान में जिला अस्पताल सहित किसी भी सीएचसी या पीएचसी में नियमित फिजीशियन डॉक्टर की तैनाती नहीं है। जिला अस्पताल में तो फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप पांडेय व संविदा चिकित्सक डॉ. शोएब इकबाल तथा डॉ. अखिलेश त्रिपाठी से ही फिजीशियन का कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान में जिला अस्पताल में 44 केे सापेक्ष सिर्फ 20 फिजीशियन डॉक्टर तथा सीएचसी व पीएचसी में सीएमओ के अधीन तैनात होने वाले 178 के सापेक्ष 99 फिजीशियन डॉक्टरों के पद तैनाती न हो पाने के कारण रिक्त पड़े हैं।
डीएम एसपी सजग, मातहत लापरवाह
कोविड से बचाव के लिए जरूरी प्रोटोकाल के अनुपालन में आला अफसर तो सजग दिख रहे हैं लेकिन उनके मातहत पूरी तरह लापरवाह बने हैं। कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में डीएम व एडीएम स्तरीय अधिकारी और पुलिस कार्यालय में एसपी तो मास्क पहन कर काम काज करते दिखे लेकिन उनके मातहत अफसर व कर्मचारी बिना मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए पूरी तरह लापरवाह दिखे। चौक बाजार, ठठेरी बाजार, रानीबाजार सहित अन्य बाजारों में खरीददारों की भारी भीड़ के बावजूद कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन पूरी तरह दर किनार दिखा।
फैक्ट फाइल
अस्पताल डॉक्टरों का पद नियुक्ति नियमित फिजिशियन
जिला अस्पताल 44 20 शून्य
सीएचसी/ पीएचसी 178 99 शून्य
ऑक्सीजन युक्त बेड- 200
ऑक्सीजन प्लांट- एक (1500 एलपीएम)
ऑक्सीजन कंसंटेटर - 30
वेंटीलेटर - 30
कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। फिजीशियन चिकित्सकों की कमी को लेकर शासन को पत्र भेजकर जल्द ही रिक्त पदों पर उनकी तैनाती कराने का अनुरोध भी किया गया है। साथ ही वैक्सीन के टीकाकरण पर भी विशेषतौर से जोर दिया जा रहा है।
डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ