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Gonda News: जिला महिला अस्पताल में लगे 33 सीसीटीवी, 26 खराब

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गोंडा मे महिला अस्पताल के प्रशासनिक भवन में लगी एलईडी में बंद दिखते अधिकांश कैमरे। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। सरकारी अस्पतालों में लगी तीसरी आंख ठप पड़ी है। जिला अस्पताल में 36 तथा महिला अस्पताल में 26 कैमरे क्रियाशील न होने से अब मरीज व तीमारदारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
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गुरुवार को महिला अस्पताल से बच्ची के अपहरण के बाद उसके सीसीटीवी फुटेज न मिलने पर पुलिस को घंटों खाक छाननी पड़ी। यह सिर्फ एक घटना की बात नहीं, बल्कि इससे पूर्व में हुईं घटनाओं का वीडियो न मिल पाने के कारण जांच में परेशानी हो रही है।
जिला महिला अस्पताल में व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए 33 सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिसमें 26 कैमरे बंद पड़े हैं। गुरुवार शाम को महिला अस्पताल से बच्ची के लापता होने पर पुलिस ने सीसी टीवी फुटेज खंगालने की कोशिश की, लेकिन अधिकांश कैमरे बंद पाए गए। सीसी टीवी खराब होने के कारण मौके पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता ने सीएमएस को जमकर फटकार लगाई।
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कैमरे बंद होने से पुलिस को बच्ची खोजने में करीब सात घंटे खाक छाननी पड़ी। महिला अस्पताल में पिछले दिनों हुई छह बाइक चोरी तथा मरीजों से वसूली की रिकार्डिंग नहीं मिल पाने से जांच में परेशानी हुई।
फुटेज न मिलने से नहीं हो सकी जांच
जिला अस्पताल में लगे 50 कैमरों में से सिर्फ 14 कैमरे ही काम कर रहे हैं। सोमवार को मरीज व स्टाफ नर्स के बीच हुई मारपीट की सीसीटीवी फुुटेज न मिल पाने के कारण मामले की जांच नहीं हो सकी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत करवा दिया। अस्पताल परिसर से हर रोज चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें से अधिकांश मामलों में कैमरे की फुटेज नहीं मिल पाती है।
एडी ने कैमरे ठीक कराने के दिए सख्त निर्देश
अपर निदेशक चिकित्सा डॉ. अनिल मिश्र ने जिला महिला अस्पताल की सीएमएस व जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक को निर्देश दिए कि अस्पताल में लगे सभी कैमरों को क्रियाशील करवाएं। जरूरत पड़ने पर कैमरों की संख्या बढ़ा दें। बच्ची के अपहरण की फुटेज न मिल पाने से अपर निदेशक ने सीएमएस से स्पष्टीकरण तलब किए जाने की बात कही है।
बंदरों के उत्पात से टूट जाते तार
महिला अस्पताल में बंदरों के उत्पात के चलते कैमरों के तार टूट जाते हैं, हर सप्ताह मरम्मत कराई जाती है। वायरलेस कैमरा लगवाए जाने की तैयारी की जा रही है। ताकि तार टूटने से कैमरे प्रभावित न हो सके। डॉ. सुषमा सिंह, सीएमएस
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