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साढ़े तीन बजे रात में किसने जारी किया जन्मप्रमाण पत्र

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फोटो-11 गोंडा के महिला अस्पताल में जन्मप्रमाण पत्र का सत्यापन करते पटल प्रभारी राजू गुप्ता। -संवा? - फोटो : GONDA
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गोंडा। सरकारी अस्पतालों से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जालसाज प्रमाणपत्र जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था में सेंधमारी कर बेखौफ तरीके से फर्जीवाड़ा करने में जुटे हैं। ऐसा ही एक मामला वजीरगंज थाने में दर्ज एक मुकदमे में फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र पेश करने के बाद सामने आया है। सत्यापन के दौरान महिला अस्पताल से जारी जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। इसकी जानकारी के बाद महिला अस्पताल की सीएमएस ने संबंधित पटल कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी देकर पुलिस में केस दर्ज कराने को कहा है।
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जिला महिला अस्पताल के जन्म मृत्यु पंजीकरण कार्यालय पर शुक्रवार को उजागर हुए इस फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र के मामले में खुलासा जारी प्रमाणपत्र पर बजे समय को देख कर हुआ। वजीरगंज थाने से आए पुलिसकर्मी ने अस्पताल प्रशासन को एक प्रार्थना पत्र देकर अस्पताल से जारी एक जन्म प्रमाण पत्र के सत्यापन का अनुरोध किया था। संबंधित जन्म प्रमाण पत्र एक मुकदमे में पेश किया गया था। इसे जिला महिला अस्पताल के जन्म मृत्यु पंजीकरण कार्यालय से 24 अगस्त 2022 को जारी किया गया था। पंजीकरण पटल प्रभारी राजू गुप्ता द्वारा प्रमाण पत्र देखते ही इसमें गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। जारी जन्म प्रमाणपत्र पर पंजीकरण का समय भोर सुबह 3.22 मिनट दर्ज था जबकि महिला अस्पताल का कार्यालय सुबह नौ बजे के बाद ही खुलता है।
कनीज फातिमा शमसुद्दीन इदरीसी नाम से जारी प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 14 अप्रैल 2002 अंकित दिखायी गयी थी। पटल प्रभारी राजू गुप्ता ने प्रमाण पत्र का ऑनलाइन परीक्षण किया तो इसका कोई भी विवरण अस्पताल में मौजूद रिकार्ड में दर्ज नहीं पाया गया। जानकारी अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह को दी गयी। सीएमएस ने प्रमाण पत्र बनवाने वाले के खिलाफ प्राथमिकी देकर पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाने का निर्देश पटल प्रभारी को दिया।
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शिकायत के बावजूद पुलिस उदासीन
पिछले साल भर में जिला महिला अस्पताल में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने के एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। सत्यापन के दौरान प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को भी पत्र लिखकर इन मामलों से अवगत कराया लेकिन इस मामले में जांच को लेकर पुलिस लगातार उदासीनता बरत रही है।
जिला महिला अस्पताल में फर्जी जन्मप्रमाण पत्र के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनकी सूचना स्थानीय कोतवाली नगर में दिया जा चुका है, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक किसी भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। डॉ. सुषमा सिंह, सीएमएस
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