गोंडा। जिला महिला अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद हुए तोड़फोड़ मामले में डॉक्टर व स्टाफ नर्स की तहरीर पर तोड़फोड़ करने वाले अज्ञात लोगों खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आए दिन होने वाली इस तरह की घटनाओं से डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी सहमे हैं। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्यकर्मियों ने सीएमएस के साथ बैठक कर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की गुहार लगाई। बीते बुधवार की देरशाम को प्रसूता की मौत के मामले को लेकर जिला महिला अस्पताल में हुए हंगामा व तोड़फोड़ मामले में डॉ. ललिता केरकेट्टा व स्टाफ नर्स विनीता अस्थाना की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अस्पताल में मरीजों के परिजनों के तांडव से स्वास्थ्यकर्मी सहमे हुए हैं। बुधवार शाम प्रसूता की मौत से आक्रोशित परिजनों ने महिला अस्पताल में हंगामा काटा। इमरजेंसी से लेकर वार्डों तक में तोड़फोड़ की। इस दौरान अस्पताल में कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। पूरे घटना का वीडियो अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गया है।
इमरजेंसी में ड्यूटी कर रही डॉ. माधुरी त्रिपाठी ने बताया कि प्रसूता को रेफर करने के बाद 15 मिनट बाद करीब एक दर्जन लोग अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे। स्टाफ नर्सों के साथ गाली गलौज करते हुए तोड़फोड़ करने लगे। एक व्यक्ति मारने दौड़ा, जिस पर खुद को अंदर से बंद करके बचाव किया। स्टाफ नर्स विनीता को चोटें आई। बुधवार की घटना से सभी डॉक्टर व कर्मी सहमे हुए हैं, उन्होंने सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह के साथ बैठक कर अभद्रता करने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई किए जाने तथा अस्पताल में सुरक्षा के इंतजाम किए जाने की मांग की। सीएमएस ने आश्वासन दिया कि डॉक्टर की ओर से तहरीर के आधार पर आरोपियों पर मुकदमा लिखा गया है। अस्पताल में सुरक्षा के लिए डीएम डॉ. उज्जवल कुमार व एसपी आकाश तोमर को पत्र लिखा गया है। (संवाद)