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दीपावली को लेकर अस्पतालों में अलर्ट

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गोंडा का जिला अस्पताल। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। दीपावली पर आतिशबाजी से आशंकित हादसों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में अलर्ट जारी किया है। इसके तहत जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की इमरजेंसी में बेड रिजर्व करने के साथ ही चिकित्सकों को भी 24 घंटे ऑन कॉल ड्यूटी पर मुस्तैद रहने को कहा गया है। आग लगने अथवा पटाखा बाजार में कोई हादसा होने पर घायलों के इलाज के लिए अतिरिक्त दवाओं के साथ अन्य संसाधनों की व्यवस्था भी पहले से ही सुनिश्चित करने को निर्देशित किया गया है।
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हालांकि जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में बीते काफी समय से खाली नेत्र सर्जन के पद का खामियाजा जरूरतमंदों को भुगतना पड़ेगा। आतिशबाजी छुड़ाते समय किसी की आंख में बारूद चले जाने पर उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ेगी। दीपावली के दौरान आतिशबाजी व पटाखे छुड़ाने के दौरान हादसों की आशंका बनी रहती है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चाक चौबंद इंतजाम का दावा किया है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि इसके तहत जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी में बर्न वार्ड के बतौर अलग से दस दस अतिरिक्त बेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही बाजारों व कस्बों में भी चिह्नित स्थानों पर एंबुलेंस तैनात रहेगी ताकि हादसे की सूचना मिलने पर तत्काल घायलों की मदद की सुविधा मुहैया कराई जा सके। पर्व को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की छुट्टियां भी निरस्त कर उन्हें 24 घंटे ऑन कॉल उपलब्ध रहने को कहा गया है।
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जरा सी असावधानी, जान तक का खतरा
जिला अस्पताल में तैनात डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि पटाखा जलाते समय जरा सी असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है। बताया कि पटाखा छुड़ाते समय जल जाने पर घबराए नहीं। शरीर के जले हुए हिस्से को 10 से 15 मिनट तक ठंडे पानी में भिगो कर रखने के बाद तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। शरीर के जले हुए हिस्से में गोबर, कीचड़ या राख कदापि नहीं लगाना चाहिए। सभी से अपील की कि दीपावली पर सिर्फ इक्रो फ्रेंडली रोशनी वाले पटाखों का ही इस्तेमाल करें। पटाखों को ज्वलनशील पदार्थों जैसे पेट्रोल, केरोसिन एवं एलपीजी से दूर रहकर ही छुड़ाए।
नेत्र विभाग खाली, नहीं मिलेंगे डॉक्टर
दीवाली पर बारूद वाले पटाखे छुड़ाना खतरनाक साबित हो सकता है। यदि पटाखों का बारूद या आग आंखों में चला गया तो जिला अस्पताल में इलाज संभव नहीं होगा। अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में डॉक्टरों की कुर्सी खाली चल रही है। पिछले तीन महीनों से कोई नेत्र सर्जन कार्यरत नहीं होने से दीवाली पर मरीजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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हादसा होने पर मदद के लिए करें कॉल
-डॉ. रश्मि वर्मा (सीएमओ)- 8005192659
-डॉ. इंदुबाला (प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल)- 8005192753
-डॉ. सुषमा सिंह (सीएमएस महिला अस्पताल)- 8005192752
-अनिल वर्मा, (जिला अस्पताल मैनेजर)- 9721956415
-डॉ. कुलदीप पांडेय (वरिष्ठ चिकित्साधिकारी)- 9410649240
-डॉ.पीडी गुप्ता (वरिष्ठ परामर्शदाता)- 9839881866
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