गोंडा। जन आरोग्य मेले का निरीक्षण कर लौट रहे अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अनिल मिश्र और एसीएमओ डॉ. एपी सिंह रविवार सुबह
मनकापुर सीएचसी पर रविवार को पहुंचे। जहां उन्हें डॉक्टर खोजे नहीं मिले।
सीएचसी के बाहर बेंच पर लेटी एक महिला दर्द से तड़फ रही थी। मरीज शांति देवी के पति मुनीजर प्रसाद तिवारी ने बताया कि एक घंटे से सीएचसी पर हैं, लेकिन ड्यूटी पर डॉ. रवीश नहीं हैं, फार्मासिस्ट ने बाहर की कुछ दवाएं लिखकर इंतजार करने को कहा है। वहीं, एडी को भी डॉक्टर ढूंढे नहीं मिले। कुछ देर बाद सूचना मिलने पर डॉक्टर आए, तब तक शांति देवी सहित तीन मरीजों को भर्ती किया जा चुका था। इस पर अपर निदेशक ने डॉ रवीश को जमकर फटकार लगाई।
अधिकारियों के जाते ही मरीज को डांटकर भगाया
मरीज की ओर से शिकायत करने से नाराज डॉक्टर ने अपर निदेशक के जाते ही मरीज को फिर से भगा दिया। अपर निदेशक ने बताया कि बभनजोत निरीक्षण से लौटकर फिर मनकापुर सीएचसी पर आकर मरीज का हाल जानना चाहा, तो पता चला कि मरीज को घर भेज दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों से संबधित मरीज का पता पूछकर उनके घर गए तथा महिला को खुद अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया।
वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. डीके भास्कर का कहना है कि मरीज को जरूरी दवाएं व इंजेक्शन देने के बाद आराम मिलने पर घर भेजा गया था। समय पर इलाज व दवाएं मिली हैं।
पीएचसी पर मरीजों को मिला इलाज
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में मरीजों का इलाज किया गया। हालांकि, अधिकांश स्थानों पर मरीजों के लिए जरूरी जांच की सेवाएं नहीं उपलब्ध थी। सीएचसी इटियाथोक, बेलसर, मसकनवा, मनकापुर, रुपईडीह व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का इलाज किया गया। शिविर में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। कोरोनारोधी टीका लगाया गया, तथा परिवार नियोजन किट वितरित की गई।
संवेदनहीनता अपनी आंखों से देखी
सीएचसी मनकापुर के निरीक्षण के दौरान डॉक्टर की संवेदनहीनता अपनी आंखों से देखी। मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले डॉक्टर तथा फार्मासिस्ट के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया गया है।
डॉ. अनिल मिश्र, अपर निदेशक चिकित्सा