गोंडा के मोतीगंज-झिलाही के बीच पिकौरा गांव के पास घटनास्थल पर पति राजेश के न मिलने पर मां की गो
रेल हादसे की सूचना पाकर उम्मीद के साथ पहुंची थी पिकौरा, जिम्मेदार नहीं बन सके मददगार
17 जुलाई की रात 11 और 01 बजे हुई थी पति से बात
चंडीगढ़ से चला था राजेश, मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा
पिकौरा (गोंडा)। गोंडा-गोरखपुर रेलखंड के मोतीगंज-झिलाही रेलवे स्टेशन के मध्य पिकौरा कोरीपुरवा के पास बृहस्पतिवार को चंडीगढ़-डिब्र्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। जबकि 32 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। कई अन्य के लापता होने की भी संभावना जताई जा रही थी। हुआ भी ऐसा ही है। महराजगंंज जिले के रहने वाले राजेश भी इसी ट्रेन से सफर कर रहे थे। हादसे के बाद से वह लापता हैं। पति की कोई खबर न मिलने पर उनकी पत्नी शुक्रवार की सुबह दुर्घटनास्थल पिकौरा पहुंची। वह रेलवे ट्रैक पर बदहवास हालत में पति को तलाश रही थी। मगर जिम्मेदारों ने उसकी कोई मदद नहीं की। बाद में आरपीएफ इंस्पेक्टर बुढ़वल को पता चला तो उन्हाेंने महिला को मदद का भरोसा दिलाते हुए मुख्यालय भेज दिया।
महराजगंज जिले के समदेउरवा थाना क्षेत्र के बैरियरवा गांव निवासी ज्योति ने बताया कि उसके पति चंडीगढ़ में फर्नीचर की दुकान चलाते थे। वह बुधवार को घर आने के लिए ट्रेन पकड़ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। मगर जिस ट्रेन से आने वाले थे वह छूट गई। इसलिए बाद में चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन से वहां से चले थे। बुधवार की रात उनसे दो बार रात 11 व 01 बजे मोबाइल फोन पर बात की थी। ज्योति के मुताबिक पति ने बताया था कि बृहस्पतिवार रात नौ बजे तक घर आ जाएंगे। मगर रेल हादसे की खबर आई तो एक बार लगा कि उसकी सांसें थम गईं। परिवार में लोग बेचैन हो गए। वह अपनी सास सुमित्रा व भाई ज्ञानेंद्र के साथ पति की तलाश में हादसा स्थल पिकौरा पहुंच गई। यहां बदहवास हालत में रेलवे ट्रैक पर पति को तलाशती रही। मगर जिम्मेदारों ने उसकी मदद नहीं की।
बाद में आरपीएफ इंस्पेक्टर बुढ़वल अजमेर सिंह यादव को पता चला तो उन्होंने ज्योति से बात की। उसे पूरी मदद का भरोसा दिलाया और उसे मोतीगंज की थानाध्यक्ष के पास भेज दिया गया। एसओ प्रतिभा सिंह ने बताया कि रेल हादसे में मरने वाले चार लोगों मेंं से दो के शवों की शिनाख्त हो गई थी। दो शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। ज्योति को पुलिस फोर्स के साथ पहचान कराने के लिए मर्च्यूरी भेजा गया है।
आरपीएफ-जीआरपी ने जीएम से मिलने नहीं दिया
महराजगंज जिले के समदेउरवा थाना क्षेत्र के बैरियरवा गांव निवासी ज्योति ने बताया कि चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन से उसके पति राजेश सफर कर रहे थे। रेल हादसे के बाद से उनका पता नहीं चल सका। वह अपने भाई के संग पति की तलाश में हादसा स्थल पर शुक्रवार की सुबह पहुंची थी। उसके पति का पता नहीं चल सका। मौके पर मौजूद पूर्वोत्तर रेलवे की महाप्रबंंधक सौम्या माथुर से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाना चाहती थी। मगर वहां मौजूद आरपीएफ व जीआरपी ने उसे जीएम से मिलने नहीं दिया। बाद में महाप्रबंधक से मिलने के बाद आरपीएफ व पुलिस को ज्योति की मदद के लिए निर्देशित किया।