गोंडा। गर्मी के मौसम में लू और हीट स्ट्रोक के कहर से जनजीवन प्रभावित है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने आम लोगों से बचाव की अपील की है। बताया कि वर्तमान में मौसम और बढ़ती गर्मी को देखते हुए हीट स्ट्रोक की भी संभावना बढ़ रही है। जिससे आमजन, बुजुर्ग और बच्चों को स्वस्थ व सुरक्षित रखने के लिए लोग प्रयास करें। शीतल पेयजल की व्यवस्था के साथ साथ लू या हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो पर्याप्त इलाज कराएं।
स्वास्थ्य केंद्रों पर डीएम ने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर जोर दिया। ओआरएस वितरण काउंटर पर पर्याप्त मात्रा में इसके पैकेट रखने के निर्देश दिए। बताया कि वर्तमान में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चल रहा है, जिसमें आशा घर-घर ओआरएस पैकेट का वितरण करने के साथ आमजन में जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहीं हैं। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों को इस मौसम में अधिक सावधानी बरतनी होगी। अधिक से अधिक पानी पिएं यदि प्यास न लगी हो तब भी।हल्के रंग के पसीना शोषित करने वाले हलके वस्त्र पहनें। धूप के चश्मे, छाता, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें। खुले में कार्य करते है तो सिर, चेहरा, हाथ पैरो को गीले कपड़े से ढके रहे और छाते का प्रयोग करें। यात्रा करते समय पीने का पानी अपने साथ ले जाएं। ओआरएस, घर में बने हुए पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड़), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें। जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके। हीट स्ट्रोक, हीट रेश, हीट कैम्प के लक्षण जैसे कमजोरी, चक्कर आना सरदर्द, उबकाई पसीना आना मूर्छा आदि को पहचानें। यदि मूर्छा या बीमारी अनुभव करते है तो तुरंत चिकित्सीय सलाह लें। अपने घरों को ठंडा रखें, पर्दे दरवाजे आदि का उपयोग करें। शाम को कमरों को ठंडा करने के लिए खोल दें।