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दस लाख किराया फूंक घर बैठे डॉक्टर, तीन लाख बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण अटका

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फोटो-10 गोंडा के प्राथमिक विद्यालय गौरिया में स्कूली छात्र।-संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण होना था। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से हर माह दस लाख रुपये वाहन का किराया खर्च के बावजूद करीब तीन लाख से अधिक बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ। जिसमें करीब 90 हजार स्कूली छात्र मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत स्वास्थ्य परीक्षण अभियान बेनतीजा रहा। अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर छह सप्ताह से लेकर 18 साल के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर बीमारियों की स्क्रीनिंग किया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सरकारी व निजी स्कूलों में पंजीकृत बच्चों की सेहत जांचने के लिए जिले में 30 टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक विकासखंड में दो टीमों को फील्ड में जाकर करीब पांच लाख बच्चों की सेहत जांचना है, लेकिन अधिकांश स्कूलों में स्वास्थ्य टीमें नहीं पहुंची। कुछ स्कूलों व
आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर फोटो खींच अभियान की खानापूर्ति की गई। तीन लाख बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो सका। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों की मानें तो इस समय बीमारी की बात कहकर करीब 90 हजार छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं।
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गाड़ी के नाम पर हर माह फूंक रहे दस लाख
जिले में आरबीएसके के लिए 30 टीमें लगाई गई हैं। प्रत्येक टीम को ग्रामीण इलाकों में जाने के लिए वाहन दिया गया। प्रत्येक वाहन का ईंधन सहित 32,960 रुपये माह किराया दिया जाता है। ऐसे में हर महीने 10 लाख रुपये प्रति माह वाहन चलाने के नाम पर खर्च किया जा रहा है।
इनसेट-
स्कूलों में नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम,
- परिषदीय स्कूलों का शिक्षा सत्र संचालित हुए करीब चार महीनों पूरे हो चुके है, लेकिन अभी तक एक भी बार आरबीएसके की टीमों ने स्कूलों पर जाना मुनासिब नहीं समझा। हमारे प्राथमिक विद्यालय दुर्जनपुर में भी अभी तक एक भी बार स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची।
आनंद त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
इनसेट-
बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़
स्वास्थ्य विभाग खुलेआम बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कोई टीम स्कूलों में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नहीं जा रही है। तरबगंज के गोलहीपुर स्थित हमारे स्कूल मेें आज तक कोई स्वास्थ्य टीम स्वास्थ्य परीक्षण करने नहीं आई।
विनय तिवारी, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
इनसेट-
बेनतीजा साबित हो रहा बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है। मेरी जानकारी में अधिकांश स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं आई। कंपोजिट विद्यालय पथवलिया के शिक्षिका शारदा देवी, प्राथमिक विद्यालय सिसई जोगा के दीपक श्रीवास्तव सहित कई लोगों से बात की, लेकिन स्कूलों में टीम जाने की बात नकार दिया।
वीरेंद्र कुमार मिश्र, जिलाध्यक्ष शैक्षिक महासंघ
वर्जन
मॉनीटरिंग कराई जा रही
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टीमों को सख्त निर्देश दिया गया है कि हर रोज फील्ड में निकलेेेें। मॉनीटरिंग कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ
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