गोंडा। मौसम में आए बदलाव के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार रात का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। रात में ठिठुरन बढ़ गई है।
जिला प्रशासन ने सरकारी अस्पतालों में सर्दी से बचाव के लिए कंबल, रैन बसेरा व अलाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज व महिला अस्पताल में अभी तक मरीजों को कंबल नहीं मिल रहा है। सर्द रातों में बीमार मरीज ठिठुरते रहे, जबकि मरीजों के लिए खरीदे गए कंबल अभी तक ताले में बंद है।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज में विभिन्न वार्डों में 74 मरीज भर्ती थे। पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज के तीमारदार संतू ने बताया कि यहां सरकारी कंबल नहीं मिल रहा है।
सिस्टर ने बताया कि अभी तक कंबल निकला ही नहीं है। घर से दो चद्दर लाया था उसी से काम चलाया जा रहा है। इमरजेंसी में राम प्रसाद ने बताया कि पिता को ग्लूकोज चढ़ने के बाद तेज ठंड लगी, लेकिन कंबल नहीं था। तो कंबल बाहर से खरीदना पड़ा। महिला अस्पताल में भी अभी तक सरकारी कंबल ताले में ही बंद हैं।
रैन बसेरे में ताला, वार्ड के बाहर जमीन पर रात गुजारते तीमारदार
मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों को ठंड से बचाने के लिए अस्थायी रैन बसेरा तो बनाया गया है, लेकिन अभी तक उस पर ताला लटक रहा है। तीमारदारों को वार्ड के बाहर ठंडी फर्श पर रात गुजारना पड़ती है। कटराबाजार से आए इदरीशी ने बताया कि वार्ड में भीड़ रहती है। बाहर बरामदे में रात बितानी पड़ रही है।
वर्जन
15 नवंबर तक निकालने थे कंबल
अस्पताल में करीब 450 कंबल उपलब्ध हैं। सभी वार्ड के प्रभारी स्टाफ नर्स को निर्देश था कि 15 नवंबर तक कंबल निकाल लिए जाएं। कुछ कंबल फट गए हैं उन्हें सिलवाया जाएगा। साथ ही और कंबलों की खरीद की जाएगी। मरीजों को कंबल न वितरण करने वाली स्टाफ नर्स से जवाब-तलब किया जाएगा। - दिनेश मिश्र, मैट्रन मेडिकल कॉलेज