करनैलगंज/ नवाबगंज (गोंडा)। सरयू में बाढ़ की समस्या कम नहीं हो रही है। बारिश रुकने के बाद जलस्तर कम जरूर हुआ पर समस्या बरकरार है। तीन तहसीलों के पांच सौ गांवों में करीब 50 हजार की आबादी समस्याओं से जूझ रही है। प्रशासन राहत में जुटा है। कई वर्षों बाद सदर तहसील के डेढ़ सौ गांवों में भी बाढ़ का संकट है। डीएम डॉ. उज्जवल कुमार ने बृहस्पतिवार को नवाबगंज क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की।
बाढ़ से प्रभावित गांवों में पानी भले ही कम हो रहा हो मगर दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। करनैलगंज तहसील में करीब आधा दर्जन गांव ऐसे हैं जो पूरी तरह पानी में डूबे हैं। जबकि एक दर्जन गांव में करीब आठ से 10 फीट पानी भरा है। बाढ़ प्रभावित लोगों में कोई बांध पर रहने को मजबूर है तो कई लोग घर छोड़ कर सुरक्षित स्थान की ओर चले गए। सरकारी खाने के पैकेट के सहारे परिवारों का भरण पोषण चल रहा है।
ग्राम माझा रायपुर, परसावल, बेहटा, पारा, नेपुरा व कमियार ऐसे गांव हैं जो गोंडा और बाराबंकी की सीमा पर बसे हैं। बांध पर बसी गांव की आबादी को दोनों तरफ पानी ही नजर आ रहा है। घर, खेत व फसल सब डूब चुके हैं। उधर, गोंडा के ग्राम नकहरा की स्थिति भी लगातार बिगड़ रही है। लोग बांध पर बसेरा बना कर रह रहे हैं तो तमाम परिवार ऐसे हैं लोग पक्के मकान की छतों पर त्रिपाल के नीचे रह रहे हैं।
वहीं करनैलगंज कस्बे से पास सरयू नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से भरने लगा है। सरयू के किनारे घाट तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह से जलमग्न है। करीब पांच फीट पानी रोड पर है। ग्राम कुर्था, सकरौरा ग्रामीण, नारायन पुर मांझा, बसेहिया, कचनापुर, झिंगही, हीरापुर कमियार, मलौना, धमसडा तथा नारायन पुर मांझा के मजरा गोंडियन पुरवा, छगड़िहन पुरवा, चाइन पुरवा, बोडन पुरवा, भठियारन पुरवा बाढ़ की चपेट में हैं। यहां अब नाव चलने लगी हैं। एसडीएम बाढ़ प्रभावित गांवों में डेरा जमाए हैं। एसडीएम हीरालाल ने बताया करनैलगंज तहसील के आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के करीब दो दर्जन मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। जिसमें से नकहरा के नौ मजरे अधिक प्रभावित हैं।
वहीं, राधेपुरवा, तीरथरामपुरवा, पुहिलपुरवा, बसंतलालपुरवा, मोछारनपुरवा, दुलारेपुरवा, छंगूलालपुरवा, संभरपुरवा व देवकिशुनपुरवा शामिल है। वहीं चन्दापुर किटौली के नाऊपुरवा, बिचला पुरवा व धुसवा है। जहां की स्थिति खराब है। इसी प्रकार पसका के दो मजरे इकनिया मांझा व गोड़ियन पुरवा में बाढ़ का पानी भर चुका है। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को राशन दिया जा चुका है। भोजन पैकेट भी बांटे जा रहे हैं।
दो स्थानों पर कटी सड़क, आवागमन बाधित
बाढ़ के पानी के बहाव में ग्राम नारायनपुर मांझा में दो स्थानों पर सड़क कट गई। जिससे करनैलगंज से कैसरगंज मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध हो गया है। इसके साथ ही करनैलगंज से शाहपुर जाने वाले मार्ग पर ग्राम कचनापुर के पास सड़क पर जबरदस्त जलभराव होने से आवागमन बाधित है। सरयू घाट तक जाने वाले मार्ग पर करीब 6 फीट पानी भरा हुआ है।
बाढ़ के कहर से सहमे लोग
नवाबगंज (गोंडा) पिछले एक सप्ताह से सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों में तबाही का मंजर दिख रहा है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर लाल निशान से 1.25 मीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बृहस्पतिवार सायं चार बजे 93.980 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ पीड़ित सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। क्षेत्र के दत्तनगर, गोकुला, साखीपुर, तुलसीपुर माझा,माझा राठ, जैतपुर, दुल्लापुर, दुर्गा गंज माझा, कटराभोगचंद, इस्माइलपुर, लोलपुर, जफरापुर गांव की स्थिति विकट है।
तहसील प्रशासन द्वारा विस्थापितों को राहत सामग्री दी जा रही है। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने दुल्लापुर, दुर्गा गंज माझा क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना तथा राहत सामग्री का वितरण किया। वहीं सरयू में आई बाढ़ से ढेमवाघाट मार्ग की सड़क तीन जगह कट कर नदी में समाहित हो चुकी है। नवाबगंज से ढेमवाघाट जाने वाले मार्ग पर तेज बहाव से रास्ता पहले ही बंद हो चुका है। वहीं तरबगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार ने निरीक्षण किया। बनगांव, चंदसुहा, ब्योंदा माझा, रांगी, चरौठा तक पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना।
डूब रहे दो लोगों को बचाने गया किशोर बहा
नवाबगंज (गोंडा)। थाना क्षेत्र के नवाबगंज गिर्द के सांवल पुरवा निवासी शिवनाथ तथा गोली बृहस्पतिवार दोपहर में करीब एक बजे नवाबगंज बाजार से बाबा लाल शहीद से बखिरा गांव जाने वाले मार्ग पर पानी होने के बाद भी उसी रास्ते से घर जा रहे थे।
थोड़ी दूर पर दोनों लोगों का पैर फिसलने से वे गहरे पानी के गड्ढे में चले गए। इसी बीच थोड़ी दूर पर ही खड़ा अजय कुमार (16) उन दोनों को बचाने दौड़ा। उसने उन दोनों को तो बचा लिया पर खुद का पैर फिसलने से वह गड्ढे में चला गया। जब तक लोग दौड़ते वह पानी में गायब हो गया। मौके पर एसडीएम शत्रुघ्न पाठक तथा प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने उसकी तलाश की कोशिश की।
क्षेत्रीय विधायक रमापति शास्त्री ने परिजनों से मुलाकात की। प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि अजय क्षेत्र के चौबेपुर गांव का निवासी था सांवलपुरवा में अपने नाना चेतन के घर आया हुआ था। बताया कि बुधवार को डूबे दो अन्य लोगों को भी पता नहीं चला है।