गोंडा। कहा जाता है कि ईश्वर के घर देर है मगर अंधेर नहीं। ये कहावत आज एक बार सच साबित हुई। 22 साल पहले नगर कोतवाली क्षेत्र में हुई डकैती में छह लोगों की हत्या करने वाले शातिर बदमाश साहब सिंह उर्फ सुनील बावरिया को एसटीएफ ने सोमवार सुबह बुलंदशहर में एनकाउंटर में मार गिराया है। साहब सिंह उर्फ सुनील बावरिया के गिरोह ने ही नगर कोतवाली क्षेत्र के मेवातियान मोहल्ले में रहने वाले रेलवे ठेकेदार के घर 17 अगस्त 2001 की रात डकैती डाली थी। वारदात के दौरान परिवार के छह सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस सनसनीखेज वारदात से पूरा गोंडा दहल उठा था। पुलिस ने शातिर साहब सिंह पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मेवतियान मोहल्ले में 17 अगस्त 2001 की रात को डकैतों ने रेलवे ठेकेदार तारिक सिद्दीकी के घर धावा बोला था। डकैती के दौरान बदमाशों ने तारिक के पिता समेत छह लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मृतकों में दो मासूम बच्चे भी शामिल थे।
बदमाश लाखों रुपये की नकदी व जेवर लूट ले गए थे। तारिक सिद्दीकी के भाई और डकैती के चश्मदीद मोहम्मद अख्तर सिद्दीकी की तहरीर पर 10 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ नगर कोतवाली में डकैती और हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
तत्कालीन नगर कोतवाल हीरा सिंह ने विवेचना कर फीरोजाबाद के रहने वाले शातिर बदमाश साहब सिंह उर्फ सुनील बावरिया समेत 10 डकैतों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने साहब सिंह पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। सोमवार सुबह बुलंदशहर में एसटीएफ की टीम ने मुठभेड़ में बदमाश साहब सिंह उर्फ सुनील बावरिया को मार गिराया है।
शातिर अपराधी साहब सिंह उर्फ सुनील बावरिया के मारे जाने की खबर सोमवार को जब तारिक और उनके परिजनों को मिली तो डकैती और निर्मम हत्या की यादें एक बार फिर ताजा हो गईं। वह खतरनाक मंजर एक बार फिर तारिक और उनके परिजनों की आंखों के सामने घूम गया। तारिक ने कहा कि उन्हें भरोसा था कि ईश्वर एक दिन न्याय जरूर करेगा। आखिरकार आज न्याय मिल ही गया।
खौफनाक वारदात में जख्मी हुई रिफा का कहना है की वारदात के वक्त वह महज चार साल की थीं। हत्यारों ने उन्हें मरणासन्न कर दिया था। परिजनों ने तो जिंदा बचने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। रिफा का कहना है कि अपने चाचा के प्रयासों से ही आज वह जिंदा हैं। डकैती में मां-बाप और छोटे भाई को खोने वाली रिफा ने कहा कि आज जब हत्यारा साहब सिंह मारा गया तो उनके दिवंगत परिजनों की आत्मा को शांति मिलेगी।
18 अगस्त 2001 को नगर कोतवाली में डकैती का केस दर्ज हुआ था। तत्कालीन कोतवाल हीरा सिंह ने विवेचना में 10 अभियुक्तों का नाम उजागर किया। इनमें से छह अभियुक्त उसी साल जौनपुर के थाना बक्शा में मुठभेड़ में मार गिराए गए। एक अभियुक्त को 24 फरवरी 2019 को गिरफ्तार कर गाजियाबाद जेल भेजा गया। इसके साथ ही फरार अभियुक्तों साहब सिंह निवासी सजेती थाना जसराना जिला फरोजाबाद, सुरेश प्रभु निवासी आजादनगर थाना चिकसाना, जनपद भरतपुर, राजस्थान व महावीर बावरिया निवासी चक्रधरबारी थाना डींग, भरतपुर, राजस्थान की गिरफ्तारी पर 20 सितंबर 2022 को पुलिस अधीक्षक ने 24 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया। डीआईजी (देवीपाटन परिक्षेत्र) ने सात अक्तूबर 2022 में ईनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी। इसके बाद 17 जनवरी 2023 को एडीजी (गोरखपुर जोन) ने फरार साहब सिंह पर पुरस्कार की धनराशि बढ़ाकर एक लाख कर दी।