गोंडा। राजस्व वादों को लेकर शुक्रवार को जारी हुई शासन की रिपोर्ट में गोंडा ने वाराणसी व संतकबीरनगर के साथ बाजी मारी है। यहां राजस्व मामलों का निस्तारण सबसे तेजी से किया गया है। धारा 24/41 के अंतर्गत पैमाइश (माप-जोख) के 87.78 प्रतिशत मामलों का निस्तारण कर गोंडा ने अपना दबदबा बनाया है। एक अप्रैल 2025 तक गोंडा जिले में धारा 34 के तहत नामांतरण के 94.8 प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया गया है। इस श्रेणी में भी जिले की रैंकिंग प्रदेश के शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है। डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी, पारदर्शिता और प्रभावशीलता को प्राथमिकता दी जा रही है। (संवाद)