गोंडा। आजीविका मिशन के कर्मियों ने शासन की अनदेखी पर हड़ताल शुरू कर दी है। सुबह 10 बजे से पांच तक एनआरएलएम कार्यालय पर धरना दे रहे हैं। हड़ताल से जिले में बने आठ हजार समूहों के कार्य प्रभावित हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि मांगे न मानीं गईं तो कार्मिकों के समूह की महिलाएं मैदान में आएंगी। विकास भवन में धरने पर बैठे कर्मियों का कहना है कि एचआर पॉलिसी में तय सुविधाएं आज तक नहीं दीं गईं। जो मिल भी रहा था, उसमें भी कटौती की जा रही है।
आजीविका मिशन से जिले में जिला प्रबंधक, ब्लॉक प्रबंधकों के साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटर व लेखाकारों की तैनाती है। साल 2017 में बनी व्यवस्था में हर साल सात फीसदी वेतन बढ़ोत्तरी पर अमल आज तक नहीं हुआ। कार्मिकों को दी जाने वालीं मोबाइल एवं इंटरनेट एलाउंस, सेल्फ लर्निंग एलाउंस, लैपटाप एलांउस, वाहन क्रय के लिए अग्रिम, शिक्षा भत्ता भी अचानक से बंद कर दिया गया। बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है, बस वेतन के साथ भुगतान नहीं किया जा रहा है। छुट्टियां भी देने में आनाकानी होती है। बेवजह परेशान किया जाता है और तय सुविधाएं दी ही नहीं जा रहीं हैं।
धरने में शामिल नीलांबुज, अंबिका, सीमा, अंशुमान, रोहित कुमार, राम कुमार सिंह, कुलदीप, विजय, चंदन, जितेंद्र कुमार, विमल कुमार, दिलीप पटेल, दुर्गेंद्र, आभा, अनिल कुमार, मुन्नुलाल, देवदत्त त्यागी, अमित कुमार आदि ने कहा कि सात फीसदी वार्षिक वेतन वृद्वि, स्थानांतरण नीति, कर्मियों को सुरक्षा बीमा, सामूहिक दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए। इसके अलावा समस्त भत्तों का भुगतान हो और आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करके विभागीय संविदा की जाए। कर्मियों को ईपीएफ की सुविधा दी जाए। बताया कि 17 सितंबर तक हड़ताल जारी रहेगा, और 18 को लखनऊ में धरना तय हो रहा है। कर्मियों ने उपायुक्त स्वत: रोजगार एनबी सविता को मांगों का ज्ञापन सौंपा। (संवाद)