गोंडा। देेवीपाटन मंडल के चारों जिलों में अगस्त महीने तक हर घर नल से जल पहुंचाने के मामले में गोंडा की हालत सबसे खराब रही। लक्ष्य के मुकाबले अभी तक कुल 51 प्रतिशत घरों में ही नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। बहराइच इस मामले में पूरे मंडल में अव्वल है। जबकि आकांक्षी जनपद श्रावस्ती भी प्रथम श्रेणी में पास हो चुका है। बलरामपुर तीसरे स्थान पर है।
हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए जलजीवन मिशन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। देवीपाटन मंडल के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले में कुल 7486.1 करोड़ रुपये की परियोजना पर एलएंडटी समेत अन्य फर्में काम कर रहीं हैं। विभागीय जानकारों ने बताया कि गोंडा में अगस्त, बलरामपुर व श्रावस्ती में दिसंबर और बहराइच में अक्तूबर 2021 में काम शुरु किया गया था। मंडल के इन जनपदों में परिवारों की संख्या के आधार पर उनको नल से जल का कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
बहराइच जिला लगभग 70 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर है। जबकि आकांक्षी जिला श्रावस्ती 60 प्रतिशत परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने में कामयाब रहा। चौथे स्थान पर गोंडा 51 और तीसरे स्थान पर बलरामपुर 51.19 प्रतिशत परिवारों को नल से जल दे रहा है।
देवीपाटन मंडल में हर घर नल से जल आपूर्ति के लिए कुल 2,603 पानी टंकियां बनाई जानी हैं। इंजीनियरों ने बताया कि गोंडा में 46, बलरामपुर में 70, बहराइच में 85 और श्रावस्ती में 81 टंकियोंं से जलापूर्ति की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है। साथ ही कार्यदायी संस्था को जल्द से जल्द काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले दिनों में मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने रिपोर्ट तलब कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
जल निगम के अधीक्षण अभियंता एसएम असजद का कहना है कि मार्च 2024 तक लक्ष्य पूरा किया जाएगा। सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। गोंडा में भी काम में तेजी आने की उम्मीद है। मैनपावर बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।