गोंडा। रानीबाजार स्थित पुराने मालगोदाम पर दो नए प्लेटफाॅर्म जल्द ही बन जाएंगे, जिससे गोंडा स्टेशन पर ट्रेनों का बोझ कम होने के साथ ही बादशाहनगर की तर्ज पर यह स्टेशन विकसित होगा। इसी प्लेटफाॅर्म से लखनऊ, गोरखपुर, बलरामपुर व बहराइच की तरफ से आने-जाने वाली ट्रेनों एवं मालगाड़ियों का संचालन होगा। आवागमन की सुविधा भी बढ़ जाएगी। साथ ही रानी बाजार का भी तेजी से विकास होगा। रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
लखनऊ डिवीजन के अंतर्गत उपमंडलीय रेलवे स्टेशन गोंडा में वर्तमान समय में कुल पांच प्लेटफाॅर्म हैं। प्लेटफाॅर्म नंबर पांच के बगल ही प्लेटफाॅर्म नंबर छह का निर्माण चल रहा है। इसी में तीन वर्ष पूर्व से गोंडा रेलवे स्टेशन मुख्यालय का विस्तार किया जा रहा है। दो वर्ष से मोहल्ला रानी बाजार स्थित पुराने रेलवे मालगोदाम पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत से दो नए प्लेटफाॅर्म सात व आठ बनाए जा रहे हैं, जो कुछ महीने में पूरे हो जाएंगे।
इससे रानी बाजार का विकास भी बहुत तेजी से होगा। क्योंकि इसी प्लेटफाॅर्म से गोरखपुर, लखनऊ, बहराइच व बलरामपुर की ओर आने-जाने वाली ट्रेनें संचालित की जाएंगी। यात्रियों को मुख्यालय स्टेशन पर न जाकर इसी स्टेशन पर आकर ट्रेन पकड़नी होगी। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एक प्लेटफाॅर्म की लंबाई 600 मीटर व चौड़ाई 11 मीटर रहेगी। जबकि ऊंचाई .76 से लेकर .86 मीटर तक होती है।
इस बारे में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक चंद्रवीर रमण ने कहा है कि जल्दी कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। रेलवे के विकास कार्य में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
एप्रेन बदलने का रोडमैप तैयार
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने गोंडा स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक पर वाशेबल एप्रेन बदलने को लेकर रोडमैप तैयार किया है। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की निर्माण इकाई के अधिकारी तैयारी में जुटे हैं। एक प्राइवेट एजेंसी से इस प्लेटफाॅर्म के एप्रेन को बदलवाया जाएगा। प्लेटफाॅर्म एक पर लगे खानपान के स्टालों व ठेलों को प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर समायोजित किया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक आदित्य कुमार के निर्देशन में कार्य किया जाएगा। प्लेटफाॅर्म नंबर एक पर आने-जाने वाली ट्रेनों का संचालन प्लेटफाॅर्म नंबर 2, 3, 4 व 5 से किया जाएगा।