खोड़ारे (गोंडा)। जागरूकता अभियान के बाद भी कुछ परिवार अभी भी अपने बच्चों का टीकाकरण कराने से इंकार कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग सप्ताह के प्रत्येक बुधवार और शनिवार को स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से बच्चों का टीकाकरण करता है। इसके लिए एएनम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा के संग मिलकर गांव के लोगों को जागरूक करके टीकाकरण करवाने के लिए प्रयास किया जाता है।
बुधवार को आठ गांवों में स्वास्थ्य टीम को टीकाकरण को लेकर बच्चों के परिजनों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान गांव के 13 लोगों ने बच्चों को टीका लगवाने से इंकार कर दिया। जिससे 14 बच्चों का टीकाकरण नहीं हो सका। विरोध के कारण टीम को लौटना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम बभनजोत ब्लॉक के गांव इटवा खास, भगड़वाडीह, डल्लीजोत, फरेंदा बुजुर्ग, नरहरपुर, बनकटवा, पिपरा इस्माइल, इस्मैला गांव में स्वास्थ्य टीम पीलिया, काली खांसी, टिटनेस, टीबी, खसरा, निमोनिया, पोलियो से बचाव के लिए बच्चों को टीका लगाने गई थी। इन गांवों के 13 लोगों ने अपने बच्चों को टीका लगवाने से इंकार कर दिया। टीम को कई स्थानों पर विरोध का भी सामना करना पड़ा है। जिससे 14 बच्चे टीके की डोज से वंचित रह गए।
इन लोगों ने टीकाकरण का किया विरोध
सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक तरुण मौर्य ने बताया कि इटवाखास के रहने वाले पुजारी के दो बेटे उमर और समन, इंद्रकुमार की बेटी शकुंतला, अरविंद के बेटे सुमित, जमील के बेटे तौकीर व राममिलन की बेटी राधा को परिजनों ने टीका नहीं लगवाया। इसी तरह नरहरपुर के अशोक की बेटी नीति, भगड़वाडीह निवासी छोटू की बेटी पलक, डल्लीजोत निवासी इस्नलाम की बेटी रुकसार,बनकटवा निवासी इजहार की बेटी अशलियन, पिपरा इस्माइल निवासी समीर के बेटे हसनैन, यहीं के जाकिर के बेटे हसनैन, इस्मैला गांव निवासी एजाज ने अपने बेटे उज्जैफ के साथ फरेंदा बुजुर्ग निवासी तौकीर ने अपने नवजात शिशु का टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया।
नहीं लगवा रहे टीका
प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि जिन बच्चों के परिजन टीकाकरण नहीं करवा रहे हैं, उसके लिए खंड विकास अधिकारी से वार्ता करके परिजनों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।