गोंडा के धनोहरी बरईपारा में जांच करती राज्य कर विभाग की टीम। -संवाद
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गोंडा। चार साल से बिना जीएसटी रिटर्न दाखिल किए कंस्ट्रक्शन कंपनी संचालित कर रहे कारोबारी के बैंक खातों की जांच कर जीएसटी अधिकारियों की टीम ने 71 लाख 91 हजार 519 रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी है। टीम ने प्राप्त भुगतान पांच करोड़ 99 लाख 29 हजार 325 रुपये पर टैक्स के साथ अर्थदंड व ब्याज लगाकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
राज्य कर विभाग (जीएसटी) विभाग के उपायुक्त राहुल द्विवेदी ने बताया कि सुषमा कंस्ट्रक्शन कंपनी धनोहरी बरईपारा बाबागंज 31 जनवरी 2018 से वर्क कांट्रैक्ट कंपनी के रुप में पंजीकृत है। कंपनी मालिक शिव कुमार वर्मा निवासी धनोहरी ने जीएसटी लागू होने के बाद भी लगातार शून्य के रिटर्न दाखिल किए। गोपनीय तौर से बड़ी कर चोरी की जानकारी मिलने पर फर्म के इंडियन बैंक स्थित खाते का वर्षवार स्टेटमेंट लिया गया तो पता चला कि फर्म मालिक ने वर्ष 2017-18 में चार लाख 72 हजार 156, 2018-19 में 94 लाख 68 हजार 708, 2019-20 में एक करोड़ 12 लाख 78 हजार 383, 2020-2021 में दो करोड़ 39 लाख 18 हजार 243, 2021-22 में एक करोड़ 31 हजार 711 व 2022-23 में दो नवंबर 2022 तक 47 लाख 60 हजार 124 रुपये का भुगतान तो प्राप्त किया, लेकिन इस पर 71 लाख 91 हजार 519 रुपये जीएसटी न अदाकर दाखिल रिटर्न में व्यापार को शून्य बताया।
गुरुवार को संयुक्त आयुक्त राज्य कर राजीव आर्थर की ओर से गठित टीम की जांच में खुलासा हुआ। जांच टीम में उपायुक्त राज्यकर राहुल द्विवेदी के साथ उपायुक्त विनोद कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त अनुभव सिंह, राज्य कर अधिकारी अभिषेक निगम शामिल रहे। बताया कि फर्म स्वामी व्यापारी से प्राप्त भुगतान पांच करोड़ 99 लाख 29 हजार 325 रुपये पर टैक्स के साथ ही दो गुना अर्थदंड व 18 प्रतिशत ब्याज जमा कराए जाने की कार्रवाई की जा रही है।