रुपईडीह (गोंडा)। तीन दिन से हुई बारिश से आर्यनगर-खरगूपुर मार्ग सहित छह सड़कों पर लगभग दो से तीन फीट पानी बह रहा है। जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। आर्यनगर से खरगूपुर को जाने वाली सड़क पर छह जगहों पर सड़क पर पानी बह रहा है। आर्य नगर से पृथ्वीनाथ मंदिर को जाने वाली सड़क पर पानी भरा है।
मंगल नगर से बीरपुरभोज गांव होते हुए गेंधरिया गांव वाली सड़क के बीच में बिसुही नदी के पुल पर तीन से चार फीट ऊपर पानी बह रहा है। वीरपुर भोज गांव निवासी चंद्रशेखर मिश्र, अनंतपुर गांव के पूर्व ग्राम प्रधान राधेश्याम मिश्र, नौवागांव के ग्राम प्रधान राकेश कुमार वर्मा, मंगलनगर के ग्राम प्रधान धनुषधर पांडेय, रुपईडीह के ग्राम प्रधान काशी नाथ तिवारी, पुरैनिया के किसान सर्वस्वनाथ पांडेय, भुलईडीह गांव के ग्राम प्रधान बृजेंद्र नाथ शुक्ल, भोलाजोत के ग्राम प्रधान कुणाल गोस्वामी, तेंदुवा चौखड़िया के ग्राम प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि आर्यनगर से खरगूपुर के बीच में रुपईडीह गांव के पास लगभग एक किलोमीटर, गौनरिया गांव के पास लगभग 500 मीटर, भोला जोत गांव के पास लगभग 500 मीटर, तेंदुआ चौखड़िया गांव के पास लगभग एक किलोमीटर तक सड़क पर लगभग दो फीट ऊपर तक पानी भरा है।
एक किलोमीटर तक सड़क पर भरा पानी
इसी तरह से आर्यनगर से पृथ्वीनाथ मंदिर को जाने वाली सड़क पर अनंतपुर गांव के पास लगभग एक किलोमीटर, असिधा गांव के पास लगभग एक किलोमीटर, सुसगंवा गांव के पास लगभग एक किलोमीटर सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है। वहीं, मंगलनगर से वीरपुर भोज गांव की जाने वाली सड़क पर बिसुही की नदी के पुल पर तीन फीट ऊपर पानी भरा है। जिससे लोगों का आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विगत तीन दिन से ब्लॉक मुख्यालय, जिला मुख्यालय पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि साफ सफाई न होने से बिसुही नदी सिकुड़ कर नाले के रूप में हो गई है। जिससे पानी का आवागमन बाधित होता है। पिछले वर्ष पचुर्खी मनोहरजोत के तीन बच्चों की डूबकर मौत हो गई थी।
नहीं हुई बिसुही नदी की साफ सफाई
तीन वर्ष पहले तत्कालीन सीडीओ ने आशीष कुमार ने बिसुही नदी के सफाई के लिए आदेश जारी किया था। कहा था कि जिन गांवों में बिसुही नदी है वहां के प्रधान व सचिव नदी की सफाई कराएंगे। जिससे पानी का बहाव ठीक से हो सके। इस पर कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन वह अंजाम तक नहीं पहुंची। जिसका खामियाजा लोग भुगत रहे हैं।