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वार्ड बनाया न दी मच्छरदानी आंकड़ों के नाम पर मनमानी

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गोंडा के वजीरगंज सीएचसी में बनाया गया डेंगू वार्ड। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले में तेजी से बढ़ते डेंगू के प्रकोप के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही। इसके बावजूद रोकथाम की जगह स्वास्थ्य विभाग डेंगू पीड़ितों की संख्या छिपाने के लिए आंकड़ों की बाजीगरी में जुटा है। डेंगू पीड़ितों की वास्तविक संख्या कम रखने के लिए सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच के लिए भी पीड़ितों को टरकाया जा रहा है। इसके चलते ही डेंगू पीड़ितों की संख्या का सरकारी आंकड़ा जहां 63 पर ही अटका है वहीं शहरी व ग्रामीणों इलाकों के निजी अस्पतालों में संक्रमित डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है। निजी पैथालॉजी से जुड़े संचालकों की माने तो हर रोज 20 से अधिक बुखार पीड़ितों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आ रही है।
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परसिया रानी निवासी करुणाकर ने बताया कि दो दिन तक बुखार आने के बाद जिला अस्पताल के सामने संचालित एक निजी लैब में जांच करवाने पर डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। शत्रुहन लाल तिवारी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि यहां पिछले तीन दिनों में पांच डेंगू संक्रमित भर्ती हुए हैं, लेकिन सीएमओ कार्यालय से जारी डेंगू मरीजों के आंकड़ों में इनकी पीड़ितों की संख्या दर्ज नहीं है। एक सप्ताह से सीएमओ कार्यालय की डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या का आंकड़ा 63 पर ही अटका है। चिकित्सक भी मानते हैं कि जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भले ही सात डेंगू संक्रमित भर्ती हो लेकिन निजी अस्पतालों में इनकी संख्या कई गुणा ज्यादा है। इनमें से कई मरीजों की प्लेटलेट्स तो गिरकर 10 से 15 हजार तक पहुंच गई हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच को जरूरी बताता है।
सीएचसी में नहीं बने अलग से डेंगू वार्ड
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बेलसर पर डेंगू के लिए अलग से वार्ड नहीं बनाया गया, न ही मरीजों के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था की गई। लैब टेक्नीशियन का स्थानांतरण होने से डेंगू सहित अन्य जांचें ठप पड़ी हैं। सीएचसी छपिया में डेंगू वार्ड की व्यवस्था नहीं है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि सीएचसी पर डेंगू व प्लेटलेट्स की जांच की व्यवस्था नहीं है। यदि मरीज में डेंगू का लक्षण आता है तो उसे जांच के लिए जिला मुख्यालय भेजा जाता है। वहीं, प्रशासन ने न तो सफाई करवाई गई, न फागिंग व छिड़काव करवाया। स्वास्थ्य केंद्र के पास ही गंदे नाले बजबजा रहे, साथ ही कूड़े का ढेर लगा है। सीएचसी, कटरा बाजार में डेंगू वार्ड नहीं बना। यहां रसायन न होने से सीबीसी जांच भी नहीं हो पा रही है। केमिकल न होने से बंद पड़ी है। सीएचसी खरगूपुर, मोतीगंज, नवाबगंज, वजीरगंज, मनकापुर में डेंगू की जांच तो हो रही, लेकिन अन्य बचाव की व्यवस्थाएं नाकाफी हैं।
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डेंगू के लिए बढ़ेंगे दस बेड
डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ही जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड के बगल में विशेषतौर पर दस बेड का डेंगू वार्ड अलग से बनाया गया है। यह जानकारी जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अनिल वर्मा ने दी। बताया कि अभी तक डेंगू वार्ड में सिर्फ पांच मरीज ही भर्ती हुए हैं। भर्ती मरीजों को मच्छरदानी में अन्य मरीजों से अलग रखा जा रहा है।
सीएचसी पर हो रही जांच
जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी पर डेंगू की जांच हो रही है, मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। निजी पैथालॉजी संचालकों से भी डेंगू संक्रमितों की रिपोर्ट मांगी जा रही है। डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ
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