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तीन महीने तक 234 परिषदीय स्कूलों से दूर रहे शिक्षा रहे अफसर

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गोंडा। परिषदीय स्कूलों में व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को सतत निरीक्षण के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी अधिकारी 234 स्कूलों में शिक्षा का हाल जानने नहीं गए। ऑनलाइन समीक्षा में इस बात का खुलासा होने पर महानिदेशक ने स्कूलों की सूची जारी की है। 20 अक्तूबर तक अभियान चलाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
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बीते तीन महीने से जिले के 234 परिषदीय स्कूलों की निगरानी करने कोई नहीं पहुंचा है। सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के लिए लगाए गए एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) ने भी इन स्कूलों का रुख नहीं किया। यह स्थिति तब है जब महानिदेशक स्कूली शिक्षा के निर्देश पर सभी स्कूलों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। शासन ने शैक्षिक व्यवस्था बेहतर करने के लिए हर ब्लॉक में पांच-पांच (हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान व सामाजिक विषय) एआरपी की तैनाती की है। जो स्कूलों में जाकर विषय को आसान ढंग से पढ़ाने का तरीका बताते हैं, लेकिन जुलाई, अगस्त और सितंबर में चिह्नित किए गए इन स्कूलों में कोई एआरपी नहीं पहुंचा।
इससे यह माना जा रहा है कि एआरपी भी अपने पसंद के ही स्कूलों में ही जाते हैं। एक साथ दो- दो एआरपी एक ही स्कूल में जाकर सिर्फ पर्यवेक्षण की खानापूर्ति करते हैं। जिस पर महानिदेशक ने नाराजगी जताई है और बीएसए को निर्देश दिया है कि बार- बार चंद स्कूलों का ही निरीक्षण करने और पर्यवेक्षण करने के बजाए हर स्कूल तक पहुुंच होनी चाहिए। निरीक्षण की रिपोर्ट ऑनलाइन होने की वजह से अब यह भी आसानी से पता चल रहा है कि कौन किस स्कूल में कितनी बार गया है।
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मिली है छूटे स्कूलों की लिस्ट
महानिदेशक के निर्देश पर नियमित स्कूलों का निरीक्षण हो रहा है। छूटे हुए स्कूलों की सूची मिली हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों और एआरपी को निर्देश दिया गया है कि वह स्कूलों का पर्यवेक्षण करने की कार्रवाई करेंगे।
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अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए
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