फोटो-14-गोंडा में करनैलगंज के माझा रायपुर में जमीन की कटान करती घाघरा नदी। -संवाद
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करनैलगंज (गोंडा)। एक सप्ताह से घाघरा (सरयू) का जलस्तर लगातार घटने बढ़ने का क्रम जारी है। रविवार को घाघरा में करीब 3 लाख 20 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। नदी खतरे के निशान से अभी 30 सेंटीमीटर नीचे है। सोमवार को नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। घटते बढ़ते घाघरा के जलस्तर से कृषि योग्य खाली पड़ी भूमि में हो रही कटान तेज होती जा रही है।
तीन दिनों में करीब 8 किलोमीटर की लंबाई में घाघरा नदी ने करीब एक हजार बीघे से अधिक भूमि काटकर नदी में समाहित कर लिया है। कई जगहों पर नदी बांध के किनारे सटकर बह रही है तो तमाम स्थानों पर अभी सरयू बांध के किनारे तक नहीं पहुंची है और कटान करते हुए बांध की तरफ तेजी से बढ़ रही है। तीन दिनों से घाघरा में डिस्चार्ज लगातार घट बढ़ रहा है, और नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ है।
घाघरा स्थिर होने या घटने की स्थिति में कटान तेजी से करती है। बांध के किनारे ग्रामीणों द्वारा की जा रही खेती योग्य भूमि लगातार घटती जा रही है। ग्राम परसावल, बेहटा, पारा मांझा, काशीपुर माझा, रायपुर मांझा, नैपूरा, बांसगांव, चंदापुर किटौली के सामने नदी की धारा तेजी से बह रही है और इन गांव के सामने नदी खाली पड़ी जमीनों को काटकर बांध के किनारे आने के लिए बेताब है।
रविवार को सरयू (घाघरा) नदी में डिस्चार्ज 3 लाख 19 हजार क्यूसेक रहा है और आंकड़ों के मुताबिक खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 105.766 पर घाघरा का जलस्तर बना हुआ है। बैराजों से करीब 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। सहायक अभियंता अमरेश सिंह का कहना है कि नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव बना हुआ है खतरे के निशान से अभी नीचे है। बांध को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
अवर अभियंता रवि वर्मा कहते हैं कि बांध पर लगातार निगरानी की जा रही है। बरसात के नाते जहां रेन कट हुए हैं उन्हें सही कराने का काम कराया जा रहा है।