फोटो-15-गोंडा के ऐली परसौली में भिखारीपुर-सकरौर तटबंध से टकरा रही सरयू नदी। -संवाद
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गोंडा। सरयू नदी में पहाड़ी नालों के पानी की आमद तेज हो गई है। इससे नदी खतरे के लाल निशान को पार करने को बेताब है। सरयू में साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जोकि शुक्रवार को एल्गिन-चरसडी पर पहुंचेगा।
गुरुवार की सुबह तीन बैराजों से तीन लाख 47 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नतीजतन सरयू का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी लाल निशान को छूने से मात्र 22 सेमी नीचे है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अमरेश सिंह ने बताया कि गुरुवार को शारदा, सरयू व गिरिजा वैराजों से कुल 3 लाख 47 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पहाड़ों पर बारिश से सरयू का जलस्तर हर घंटे दो सेमी. बढ़ रहा है।
बीते 12 घंटे में नदी के जलस्तर में 27 सेमी इजाफा हुआ है। लोगों की मानें तो गुरुवार देर रात सरयू का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाएगा। इससे नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों में बेचैनी बढ़ी है। एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी खतरे के निशान 106.07 मीटर के सापेक्ष 105.856 मीटर पर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से तरबगंज तहसील के दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। जल स्तर बढ़ने के साथ कटान भी शुरू हो गई है।
ऐली परसोली डीहा के पास सरयू नाले में पानी आ जाने से आवागमन की दिक्कतें बढ़ गई हैं। दूसरी तरफ बाढ़ का पानी भिखारीपुर सकरौरा तटबंध पर थपेड़े मारने लगा। ग्रामीणों का कहना है कि यहां बांध पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है।
जलस्तर पर है नजर
बाढ़ खंड के एक्सईएन वीएन शुक्ला का कहना है कि सभी बंधे सुरक्षित हैं। नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।