गोंडा। तहसील सदर में भूमि आवंटन में फर्जीवाड़े के मामले में कार्रवाई तेज हुई है। साल 2013-14 में गलत तरीके से किए गए पट्टों के मामले में तत्कालीन तहसीलदार आनंद श्रीनेत की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने मामले में तहसीलदार के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार करने का निर्देश दिया है। श्रीनेत अब तहसीलदार से एसडीएम के पद पर प्रोन्नत हो चुके हैं।
मंडलायुक्त के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी ने एसडीएम सदर से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। तहसील सदर में नियम विरुद्ध पट्टों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इटियाथोक के पारासराय में तो सरकारी भूमि हड़पने के मामले में खेल सामने आ चुका है। हाल ही में इस क्षेत्र के लेखपाल बैकुंठनाथ तिवारी को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्त में लिया है। अब सदर तहसील के पूर्व तहसीलदार आनंद श्रीनेत के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है। शासन से निर्देश मिलने पर मंडलायुक्त ने आनंद श्रीनेत के कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों के आधार पर आरोप पत्र तैयार करने का निर्देश दिया है।
बताया जा रहा है कि आनंद श्रीनेत ने अपने कार्यकाल में इटियाथोक विकासखंड में एक ही परिवार के कई सदस्यों को पट्टा दे दिया था। जबकि परिवार के किसी एक ही सदस्य को पट्टे का नियम है। तत्कालीन तहसीलदार आनंद श्रीनेत के कार्यकाल की पत्रावलियां खंगाली जा रही है।