खरगूपुर (गोंडा)। इलाज की बेहतर सुविधा का झांसा देकर इलाके में अवैध प्रसव केंद्रों का संचालन हो रहा है। खरगूपुर में महिला डॉक्टर बन झोलाछाप द्वारा संचालित ऐसे ही एक अवैध प्रसव केंद्र की शिकायत के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा। इस दौरान खुद को स्त्री रोग विशेषज्ञ बताने वाले एक महिला क्लीनिक में मौजूद एक प्रसूता का प्रसव कराने की तैयारी में मिली।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को देख मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। टीम के सदस्यों ने यहां से बड़ी मात्रा में प्रसव सुविधा से जुड़ी दवाएं और इंजेक्शन भी बरामद किए। पूछताछ में पता चला कि इसके संचालक पहले प्रसूताओं को बेहतर और सस्ते इलाज की सुविधा का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते हैं और फिर अप्रशिक्षित लोग मिलकर असुरक्षित प्रसव करा कर जज्चा बच्चा दोनों की जान दांव पर लगा देते हैं।
खरगूपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अजय यादव को शिकायत मिली थी कि ग्राम पंचायत शिवगढ़ के हृदयगंज चौराहे पर अवैध प्रसव केंद्र का संचालन किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक डॉ. यादव ने फार्मासिस्ट कुलदीप त्रिपाठी व कुछ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को साथ लेकर बलरामपुर जिले की निवासिनी एक महिला की अवैध क्लीनिक पर छापा मारा।
इस दौरान झोलाछाप महिला डॉक्टर एक गर्भवती महिला का प्रसव कराने की तैयारी कर रही थी। पूछतांछ के दौरान अपने को फंसता देख झोलाछाप मौके से खिसक निकली। क्लीनिक की जांच में स्टेथोस्कोप, बीपी मापने का उपकरण , डीएनसी, यूरिन प्रेग्नेंसी किट, अनवांटेड किट तथा ट्रामाडाल, ऑक्सीटोसिन, पिपरासीलिन, हैड्रोप्रोजेस्टिरान इंजेक्शन के साथ कई अन्य प्रकार की दवाएं व उपकरण भी मिले।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय यादव ने बताया कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिक पर हुई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट सख्त कार्रवाई की संस्तुति के साथ मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी गई है। इसके आधार पर ही अब आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में ऐसे अवैध प्रसव केंद्रों के संचालन में विभाग से जुड़े कुछ कर्मियों की साठगांठ के बारे में भी पता चला है। जल्द ही उन्हें भी चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा। दूसरी तरफ सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने जिले से बाहर होने की बात कहते हुए खरगूपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक द्वारा ग्राम पंचायत शिवगढ़ के हृदयगंज चौराहे के समीप अवैध प्रसव केंद्र पर हुई कार्रवाई की जानकारी से अनभिज्ञता जताई।