गोंडा। फर्जी बैनामे की जांच प्रभावित करने को घोटालेबाज तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। घोटालेबाजों की इस तरह की साजिश की जानकारी डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल को हुई। उन्हें आरोपितों के बातचीत का एक ऑडियो मिला जिसमें जांच कर रहे पुलिस कर्मियों को दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में फंसाने की योजना पर आरोपी चर्चा कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई हैं, जिसमें पांच निरीक्षक शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि नगर कोतवाली में 33 मामले बैनामा घोटाले के दर्ज हुए थे। इसमें 25 मामलों की जांच शासन स्तर की एसआईटी और आठ मामलों की जांच क्राइम ब्रांच की एसआईटी कर रही है। बताया जा रहा है कि बैनामा घोटाले में दस मास्टर माइंड हैं, जिसमें सिर्फ एक ही अभी गिरफ्तार हो सका है। नौ लोग बाहर मामले की जांच को प्रभावित करने के लिए साजिश में जुटे हैं। पहले भी लोगों को ये आरोपी दुष्कर्म जैसे मामलों में फंसाकर परेशान कर चुके हैं। इसका भी रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
फर्जी बैनामे पर अंकुश के लिए एंटी फ्रॉड सेल गठित
डीआईजी ने फर्जी बैनामा एवं फर्जी वसीयत के मामलों में पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जनपद स्तर पर एंटी फ्रॉड सेल गठित करने का आदेश दिया है। एसपी को पांच निरीक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। एंटी फ्रॉड सेल के निरीक्षक एक ही भूमि का कई लोगों को बैनामे की जांच करेंगे।
सख्त होगी कार्रवाई
फर्जीवाड़ा करने वालों से सख्ती से निपटा जा रहा है। फर्जी मुकदमों में फंसाने के प्रयास किए जाने की जानकारी मिली है। पहले भी ऐसा हो चुका है। जांच के बाद कार्रवाई सख्त होगी। उपेंद्र अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक