गोंडा। सदर तहसील के अभिलेखों में हेराफेरी मामले में दो राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। तहसील के विसवागनेश गांव में एक व्यक्ति ने आठ लोगों को सरकारी भूमि ही बेच दी। जिसमें अभिलेखागार में सुरक्षित गांव के अभिलेख में हेराफेरी की गई है। जिससे सरकारी भूमि दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज हो गई। वहीं, अन्य अभिलेखों में वह बंजर यानि सरकारी भूमि ही दर्ज रही।
बुधवार को एसडीएम सदर विनोद कुमार सिंह ने अभिलेखागार में तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो गिरीश चंद्र सोनकर के साथ ही पूर्व में इसी पर कार्यरत रहे हरिओम को नोटिस जारी की है।
अभिलेखों के हेराफेरी के मामले में उनसे जवाब मांगा है, साथ ही एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है। तहसील में अभिलेखों की सुरक्षा की जिम्मेदारी रजिस्ट्रार कानूनगो पर ही रहती है। हेराफेरी हो जाने पर तहसील प्रशासन सख्त हो गया है। एसडीएम सदर ने बताया कि मामले के हर बिंदु पर जांच की जा रही है। मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।