गोंडा। नाबालिग बालिका से छेड़छाड़, मारपीट, जान से मारने की धमकी व पाॅक्सो एक्ट के तीन साल पुराने मामले में न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कटरा बाजार थाना क्षेत्र की निवासी महिला ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि आठ फरवरी 2020 को चार बजे शाम उसकी 13 साल की बेटी घर से बाहर गया खोलने गई थी। तभी रामदयाल उसका हाथ पकड़कर गन्ने के खेत में घसीट ले गए। वहां अश्लील हरकत करते हुए कपड़े फाड़ दिए और दुष्कर्म का प्रयास किया। लड़की के चिल्लाने पर कई लोग आ गए तो वह भाग गए। इसकी शिकायत राम दयाल के पिता धनलाल से की। इस पर धनलाल ने रामदयाल, रामू व हनोमान के साथ उसकी बेटियों को अपशब्द कहते हुए घर में घुसकर पीटा और जान से मारने की धमकी दी।
न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और बालिका से छेड़छाड़, अपशब्द कहकर मारपीट, जान से मारने की धमकी व पाॅक्सो एक्ट के अपराध के पुख्ता साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया। मगर ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष छेड़छाड़, पाॅक्सो एक्ट, अपशब्द कहकर मारपीट, जान से मारने की धमकी के अपराध का साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं कर सका। घटनास्थल पर मौजूद स्वतंत्र साक्षियों को भी अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही नहीं कराई। शनिवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता कृष्णकुमार द्विवेदी की ओर से की गई बहस और पत्रावली में साक्ष्य न होने के आधार पर विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट मोहम्मद नियाज अहमद अंसारी ने आरोपी रामदयाल, रामकुमार, हनोमान व धनलाल को दोषमुक्त कर दिया।