संवाद न्यूज एजेंसीगोंडा। चार साल पूर्व कोतवाली देहात क्षेत्र में गैरइरादतन हत्या के प्रयास के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी पिता और उसकी देा बेटियों को पांच साल कारावास और आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विनय कुमार सिंह ने बताया कि वादी मनोज कुमार शुक्ल निवासी ग्राम नंदूपुरवा मौजा दुरगोड़वा थाना कोतवाली देहात ने 22 जनवरी 2019 को थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि शाम चार बजे उसकी बेटी रुबी व राधा दरवाजे पर बैठी थीं। तभी गांव के जग प्रसाद मौर्या व उनकी बेटियां गुड़िया और धुन्ना अपशब्द कहते हुए लाठी, डंडा से मारने लगे। इससे उसकी बेटी रुबी व राधा को काफी चोटें आईं हैं।
केस दर्ज कर विवेचना के दौरान मारपीट, अपशब्द कहने और गैरइरादतन हत्या के प्रयास का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी जग प्रसाद मौर्या, गुडिय़ा और धुन्ना के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। ट्रायल के दौरान न्यायालय ने आरोपी जग प्रसाद मौर्या, गुड़िया और धुन्ना को दोषसिद्ध किया।
बुधवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पूजा सिंह ने दोषी अभियुक्त जग प्रसाद मौर्या, गुड़िया और धुन्ना को मारपीट, अपशब्द कहने और गैरइरादतन हत्या के प्रयास के अपराध में पांच-पांच साल सश्रम कारावास और आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।