गोंडा। लघु सिंचाई विभाग की ओर से सिंचाई बोरिंग योजना में अनुदान प्राप्त करने के लिए सात हजार किसानों ने आवेदन किया है, जबकि दो हजार का ही लक्ष्य विभाग को मिला है। ऐसे में पांच हजार किसानों को इस वर्ष योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
लघु सिंचाई विभाग के अनुसार जरूरी औपचारिकता पहले पूरी करने वाले किसान ही योजना का लाभ पा सकेंगे। जहां सामान्य वर्ग के 1500 तो अनुसूचित जाति के 500 किसानों को लाभ पहुंचाना है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने किसानों का चयन शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना में विकासखंडवार लक्ष्य दिया गया है। नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति अनुभाग के पत्र के आधार पर दिए गए लक्ष्य पर जनवरी तक कार्य करना है।
विभाग की ओर से बजट का इंतजार किया जा रहा है। विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश उथले नलकूप फ्री बोरिंग योजना के तहत किसानों को अनुदान दिया जाता है।
बोरिंग के लिए लघु किसानों को अधिकतम 11000 रुपये व सीमांत किसानों को 15400 रुपये दिए जाते हैं। जबकि अनुसूचित जाति व जनजाति के किसानों को अधिकतम 19800 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। सहायक अभियंता राजीव कुमार अवस्थी ने बताया कि जिनके कागजात पहले जमा हो जाएंगे, वही इस योजना में सबसे पहले लाभान्वित होंगे।