गोंडा। नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मियों के पीएफ में हुए तीन करोड़ 50 लाख के घोटाले की तफ्तीश में पुलिस खेल कर रही है। पीएफ घोटाले का भंडाफोड़ चार साल पहले हुआ था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने घोटाले में नगर पालिका के एक लिपिक सहित उसके परिवार के चार लोगों को जेल भी भेज दिया। तफ्तीश में पुलिस बड़ों पर रहम, छोटों पर सितम ढा रही है। पुलिस ने तफ्तीश के बाद चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारियों का खाता इलाहाबाद बैंक (अब इंडियन बैंक) में है। जिसमें पालिका प्रशासन सफाई कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा करता था। वर्ष 2018 में नगर पालिका के सफाई कर्मियों के तीन करोड़ 50 लाख रुपये का घोटाला सामने आया तो पालिका में हड़कंप मच गया। तत्कालीन ईओ विकास सेन ने तत्कालीन लिपिक विपिन प्रकाश श्रीवास्तव के खिलाफ कोतवाली नगर में जालसाली व गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तफ्तीश तत्कालीन उपनिरीक्षक प्रबोध कुमार को मिली। उन्होंने घोटाले में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी लिपिक विपिन प्रकाश श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में की विवेचना उपनिरीक्षक राजेश मिश्रा को मिली तो तीन आरोपियों अंकित श्रीवास्तव, प्रतीक श्रीवास्तव व हेमा श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
इसके बाद तीसरे विवेचक निरीक्षक अनिल मिश्र ने तफ्तीश के दौरान कुछ पर्चे काटकर अदालत में चारो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। पीएफ घोटाले से जुड़े बड़ो पर रहमदिली दिखाई गई तो छोटों पर सितम ढाया गया। इसको लेकर नगर पालिका में चर्चा बनी है।
तीन बार में चार आरोपियों के खिलाफ लगी चार्जशीट
- नगर पालिका परिषद में हुए पीएफ घोटाले में पुलिस ने तीन बार में चार आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की है। पीएफ घोटाले के पहले विवेचक उपनिरीक्षक प्रबोध कुमार ने पीएफ घोटाले के आरोपी विपिन प्रकाश श्रीवास्तव के खिलाफ 29 दिसम्बर 2020 को, दूसरे विवेचक उपनिरीक्षक राजेश मिश्रा ने आरोपी अंकित श्रीवास्तव के खिलाफ 26 अगस्त 2021 को व तीसरे विवेचक निरीक्षक अनिल मिश्र ने आरोपी प्रतीक श्रीवास्तव एवं हेमा श्रीवास्तव के खिलाफ 18 नवंबर 2021 को ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।
- नगर पालिका परिषद गोंडा में पीएफ घोटाले में चार आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल हो गई थी। विवेचना के दौरान विवेचक ने कई बिन्दुओं को सम्मलित नहीं किया। आपत्ति लगाकर पुर्नविवेचना कराई जा रही है। कर्मचारियों के पीएफ का पैसा किसकी गलती से निकला है। इसकी पूरी तफ्तीश कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- शिवराज, अपर पुलिस अधीक्षक